प्रधानमंत्री मोदी ने किया SJVN के 1000 मेगावाट बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन
शिमला: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के पचपदरा से SJVN की 1000 मेगावाट बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन किया। यह परियोजना भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा देने वाली है और देश की स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु कार्रवाई लक्ष्यों को प्राप्त करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
बीकानेर, राजस्थान में स्थित यह ऐतिहासिक परियोजना SJVN ने अपनी नवीकरणीय ऊर्जा शाखा SJVN ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (SGEL) के माध्यम से विकसित की है। इसमें लगभग 5,492 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है और यह लगभग 5,000 एकड़ क्षेत्र में फैली है। यह भारत की सबसे बड़ी एकल EPC सौर परियोजना है जो डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट (DCR) श्रेणी में आती है, जो देश की बढ़ती स्वदेशी इंजीनियरिंग क्षमताओं को उजागर करती है।
- कुल निवेश: 5,492 करोड़ रुपये, 5,000 एकड़ में
- स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन: पहले वर्ष में 2,454.84 मिलियन यूनिट (MU) और 25 वर्षों में लगभग 56,482.14 MU बिजली उत्पादन का अनुमान
- बिजली वितरण: राजस्थान को 500 मेगावाट, जम्मू-कश्मीर को 300 मेगावाट और उत्तराखंड को 200 मेगावाट बिजली आपूर्ति
- पर्यावरणीय प्रभाव: अपने परिचालन जीवनकाल में लगभग 2.79 अरब किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन को कम करने का अनुमान
मेक इन इंडिया को बढ़ावा
सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल के अनुरूप, इस परियोजना में पूरी तरह से घरेलू घटकों का उपयोग किया गया है। इसमें लगभग 24.22 लाख स्वदेशी निर्मित DCR सौर मॉड्यूल और लगभग 175 करोड़ देशी सौर सेल लगाए गए हैं, जो स्थानीय नवीकरणीय ऊर्जा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बढ़ावा देते हैं।
सामाजिक-आर्थिक प्रभाव
पर्यावरणीय और तकनीकी मील के पत्थरों के अलावा, इस परियोजना ने क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक विकास को भी गति दी है। निर्माण और कमीशनिंग चरणों के दौरान 2,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए। इसके अलावा, बीकानेर क्षेत्र में ट्रांसमिशन सिस्टम और सड़कों सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का विकास हुआ है।
SJVN की भूमिका
SJVN, विद्युत मंत्रालय के तहत एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, जिसकी वर्तमान स्थापित क्षमता 4,196.5 मेगावाट है। बीकानेर परियोजना के सफल कमीशनिंग ने एक स्थायी भविष्य के लिए भारत के हरित ऊर्जा पदचिह्न का विस्तार करने में उद्यम की भूमिका को और मजबूत किया है।
FAQ
इस परियोजना की कुल लागत कितनी है?
इस परियोजना में लगभग 5,492 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
इस परियोजना से कितनी बिजली पैदा होगी?
पहले वर्ष में 2,454.84 मिलियन यूनिट और 25 वर्षों में कुल 56,482.14 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है।
इस परियोजना से किन राज्यों को बिजली मिलेगी?
राजस्थान को 500 मेगावाट, जम्मू-कश्मीर को 300 मेगावाट और उत्तराखंड को 200 मेगावाट बिजली आपूर्ति की जाएगी।
इस परियोजना से कितने रोजगार सृजित हुए?
निर्माण और कमीशनिंग चरणों के दौरान 2,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए।