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Punjab Congress में बगावत नहीं, सौदेबाजी: Channi ने Warring को दी चुनौती

क्या है मामला? पंजाब कांग्रेस में चल रही खींचतान में Charanjit Singh Channi ने अपनी ताकत दिखा दी है। Morinda में उनके आवास पर हुई बैठक में 74 पूर्व मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने…

क्या है मामला?

पंजाब कांग्रेस में चल रही खींचतान में Charanjit Singh Channi ने अपनी ताकत दिखा दी है। Morinda में उनके आवास पर हुई बैठक में 74 पूर्व मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। यह कोई बगावत नहीं, बल्कि सौदेबाजी है। Channi ने साफ कर दिया है कि वे PPCC प्रमुख Raja Warring को हटाने की मांग कर रहे हैं।

हाईकमान की रणनीति

कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब में संतुलन बनाने की कोशिश की थी। Warring को PPCC प्रमुख, Partap Singh Bajwa को विपक्ष के नेता और Channi को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया। Sukhjinder Singh Randhawa को कोर कमेटी, Vijay Inder Singla को चुनाव प्रबंधन और Dr Amar Singh को घोषणापत्र समिति की जिम्मेदारी दी गई। लेकिन यह सिर्फ कुर्सियों का बंटवारा था, सत्ता का नहीं।

Channi का दांव

Channi ने Morinda बैठक से संकेत दिया कि वे सिर्फ समायोजित नहीं होना चाहते, बल्कि उन्हें असली ताकत चाहिए। उनके समर्थकों का कहना है कि जनता Warring का समर्थन नहीं करती। यह Warring की नैतिक अधिकार को चुनौती है। Channi ने पहला दौर PPCC चेयर के लिए हारा है, लेकिन दूसरे दौर में उन्होंने सौदेबाजी की ताकत हासिल कर ली है।

Warring की प्रतिक्रिया

Warring ने Channi को 'कांग्रेस के सिर का ताज' बताया और कहा कि वे CM फेस के लिए तैयार हैं, जिसे भी Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge तय करें। यह एक कमजोर नेता का बयान है, जो अपनी कुर्सी बचाने के लिए झुक रहा है।

Manish Tewari का संकेत

पंजाब पुनर्गठन से बाहर रखे गए Manish Tewari ने सोशल मीडिया पर 'व्यक्तियों और संस्थानों की असुरक्षा' का जिक्र किया। यह कांग्रेस की बीमारी को दर्शाता है, जहां स्वतंत्रता को खतरा माना जाता है।

Randhawa का शाह से मिलना

Sukhjinder Singh Randhawa ने उसी दिन गृह मंत्री Amit Shah से मुलाकात की, जब Channi Morinda में ताकत दिखा रहे थे। Randhawa ने इसे कानून-व्यवस्था का मामला बताया, लेकिन समय ने सियासी अर्थ निकाल लिए।

Bhupesh Baghel की भूमिका

हाईकमान ने Bhupesh Baghel को सुलह के लिए भेजा है, लेकिन वही वह व्यक्ति हैं जिन्होंने Warring को बनाए रखने की सिफारिश की थी। Channi खेमा Baghel पर भरोसा नहीं करता। एक फायरफाइटर जिस पर ही शक हो, वह आग नहीं बुझा सकता।

संभावित परिणाम

  • Channi का अलग पार्टी बनाना: संभावना कम, क्योंकि उनकी ताकत कांग्रेस के अंदर ही है।
  • Channi का BJP में जाना: संभव, लेकिन कम, क्योंकि वे अपना दलित सिख आधार खो देंगे।
  • Warring को हटाकर Channi को PPCC प्रमुख बनाना: मुश्किल, क्योंकि इससे हाईकमान की अधिकार कमजोर होगा।
  • Channi को CM फेस घोषित करना: सबसे संभावित, इससे Warring की कुर्सी बचेगी और Channi को टिकटों पर नियंत्रण मिलेगा।

असली मुद्दा: टिकटों पर नियंत्रण

यह लड़ाई विचारधारा या सम्मान की नहीं, बल्कि टिकटों पर नियंत्रण की है। कौन उम्मीदवार तय करेगा? कौन फंडिंग संभालेगा? Warring के समर्थक कुर्सी को टिकट काउंटर मानते हैं, जबकि Channi के समर्थक भविष्य का निवेश। Baghel का दौरा कमरे को ठंडा कर सकता है, लेकिन घर को नहीं बसा सकता।

FAQ

Channi ने Morinda में क्या किया?

Channi ने अपने आवास पर 74 पूर्व मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाकर ताकत दिखाई और Raja Warring को हटाने की मांग की।

क्या Channi कांग्रेस छोड़ सकते हैं?

संभावना कम है क्योंकि उनकी राजनीतिक ताकत कांग्रेस के अंदर ही है, लेकिन अगर उन्हें नजरअंदाज किया गया तो वे बीजेपी में जा सकते हैं।

Bhupesh Baghel की भूमिका क्या है?

Baghel AICC प्रभारी हैं और उन्हें सुलह के लिए भेजा गया है, लेकिन Channi खेमा उन पर Warring को बचाने का आरोप लगाता है।

2027 के चुनाव में CM का चेहरा कौन होगा?

Warring ने कहा है कि जिसे भी Rahul Gandhi और Kharge तय करेंगे, वही CM फेस होगा। Channi को CM फेस बनाए जाने की संभावना है।

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