मुख्य तथ्य
हमीरपुर जिले में पशुपालन विभाग सितंबर 2026 में मुर्गों के करीब 65 सैंपल एकत्र कर जांच के लिए जालंधर भेजेगा। यह कदम वार्षिक निगरानी अभियान के तहत उठाया जा रहा है, जिसमें हमीरपुर, सुजानपुर और नादौन ब्लॉक शामिल हैं।
अभियान का विवरण
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सतीश कपूर के अनुसार, यह अभियान हर वर्ष चलाया जाता है और अलग-अलग ब्लॉकों से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाते हैं। इस बार तीन ब्लॉकों का चयन किया गया है, जहाँ से सैंपल एकत्र कर जालंधर प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर पोल्ट्री की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया जाएगा।
उद्देश्य और प्रभाव
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मुर्गों में संक्रामक बीमारियों की समय रहते पहचान करना है। यदि संक्रमण के संकेत मिलते हैं, तो विभाग आवश्यक नियंत्रण एवं रोकथाम के उपाय करेगा। इससे पोल्ट्री उद्योग को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को रोका जा सकेगा।
पोल्ट्री संचालकों के लिए सुझाव
डॉ. कपूर ने पोल्ट्री संचालकों से अपील की है कि वे अपने फार्म में साफ-सफाई बनाए रखें और मुर्गों में किसी भी असामान्य लक्षण की सूचना तुरंत विभाग को दें। इससे बीमारियों के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पशुपालन विभाग कितने सैंपल जांच के लिए भेजेगा?
विभाग सितंबर में हमीरपुर जिले के तीन ब्लॉकों से लगभग 65 मुर्गों के सैंपल जांच के लिए भेजेगा।
सैंपल कहाँ भेजे जाएंगे?
सभी सैंपल जालंधर स्थित प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाएंगे।
यह अभियान क्यों चलाया जा रहा है?
यह वार्षिक निगरानी अभियान है जिसका उद्देश्य मुर्गों में संक्रामक बीमारियों की समय रहते पहचान और रोकथाम करना है।
पोल्ट्री संचालकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
पोल्ट्री संचालक फार्म में साफ-सफाई रखें और मुर्गों में किसी भी असामान्य लक्षण की तुरंत पशुपालन विभाग को सूचना दें।