मुख्य तथ्य
राजस्थान के जयपुर में स्थित 151 वर्ष पुराना गांधीनगर जयपुर रेलवे स्टेशन अब एक वर्ल्ड क्लास स्टेशन के रूप में तैयार हो रहा है। भारतीय रेलवे की अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत 211 करोड़ रुपये की लागत से इसका पुनर्विकास किया जा रहा है। यह परियोजना अपने अंतिम चरण में है और सभी कार्य फिनिशिंग स्टेज पर हैं।
परियोजना का विवरण
उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) अमित सुदर्शन ने बताया कि गांधीनगर जयपुर रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इस परियोजना में दो नए स्टेशन भवन बनाए गए हैं:
- मुख्य प्रवेश द्वार पर G+2 मुख्य स्टेशन भवन (4,516 वर्ग मीटर)
- दूसरे प्रवेश द्वार पर G+2 स्टेशन भवन (3,029 वर्ग मीटर)
दोनों भवनों को 72 मीटर चौड़े एयर कॉन्कोर्स (लगभग 2,700 वर्ग मीटर) से जोड़ा गया है, जिसमें प्रतीक्षालय, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कैफेटेरिया और गेमिंग जोन होंगे। ये सुविधाएं रेल यात्रियों और आम जनता दोनों के लिए उपलब्ध होंगी। एयर कॉन्कोर्स में 2,200 वर्ग मीटर से अधिक स्थान वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए आरक्षित है।
हरित सुविधाएं और यात्री सुविधाएं
जयपुर जंक्शन की तरह, गांधीनगर स्टेशन में भी कई हरित भवन सुविधाएं शामिल की गई हैं, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन और वर्षा जल संचयन शामिल हैं। स्टेशन पर 1,376 किलोवाट पीक का सोलर पावर प्लांट पहले ही स्थापित किया जा चुका है। पुनर्विकसित स्टेशन में 8 लिफ्ट और 4 एस्केलेटर होंगे, साथ ही दिव्यांगों के लिए सुविधाएं भी होंगी। प्लेटफॉर्म शेल्टर लगभग 6,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाए जा रहे हैं।
स्टेशन का इतिहास और वर्तमान स्थिति
गांधीनगर जयपुर रेलवे स्टेशन 10 अक्टूबर 1874 को मीटर गेज पर खोला गया था और 19 अगस्त 1994 को ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया। यह जयपुर डिवीजन का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है और व्यस्त दिल्ली-जयपुर-अजमेर रेल मार्ग पर स्थित है। यह देश का पहला गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशन है जो पूरी तरह से महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित होता है। वर्तमान में यहां 82 से अधिक अनुसूचित ट्रेनें गुजरती हैं और प्रतिदिन 14,000 से अधिक यात्री आते हैं।
प्रभाव और महत्व
इस पुनर्विकास से जयपुर के बजाज नगर, मालवीय नगर, जगतपुरा, टोंक रोड और जवाहर लाल नेहरू रोड क्षेत्रों के यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। यह परियोजना अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में स्टेशनों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
FAQ
गांधीनगर जयपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किस योजना के तहत हो रहा है?
यह पुनर्विकास भारतीय रेलवे की अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत किया जा रहा है।
इस परियोजना की कुल लागत कितनी है?
परियोजना की अनुमानित लागत 211 करोड़ रुपये है।
स्टेशन पर कितने लिफ्ट और एस्केलेटर होंगे?
पुनर्विकसित स्टेशन में 8 लिफ्ट और 4 एस्केलेटर होंगे।
क्या यह स्टेशन महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित है?
हां, यह देश का पहला गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशन है जो पूरी तरह से महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित है।