मुख्य तथ्य
कर्नाटक सरकार ने टोटापुरी आम के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है, और अब केंद्र की मंजूरी का इंतजार है। किसानों को उम्मीद है कि केंद्र 8,000 से 10,000 रुपये प्रति टन का MSP मंजूर करेगा।
विस्तार से जानकारी
कर्नाटक स्टेट मैंगो डेवलपमेंट एंड मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (KSMDMCL) के प्रबंध निदेशक वेदमूर्ति आर.टी. ने बताया कि इस साल टोटापुरी आम उगाने वाले किसानों को हुए नुकसान को देखते हुए केवल इसी किस्म के लिए MSP की सिफारिश की गई है। कर्नाटक कृषि मूल्य आयोग (KAPC) के अनुसार, एक किलो टोटापुरी की उत्पादन लागत 39 रुपये है। इस आधार पर सरकार ने 17.50 रुपये प्रति किलो उत्पादन लागत तय की है, और अधिकारियों ने 4.37 रुपये प्रति किलो MSP की सिफारिश की है।
किसानों की मांग
कोलार जिले के उद्यान विभाग के उप निदेशक एस.आर. कुमारस्वामी ने कहा कि किसान 8,000 से 10,000 रुपये प्रति टन की उम्मीद कर रहे हैं। जिला आम उत्पादक कल्याण संघ के अध्यक्ष नीलातूर चिन्नप्पा रेड्डी ने कहा कि अगर मांगी गई कीमत मिलती है तो किसान बच सकते हैं, अन्यथा उन्हें भारी नुकसान होगा। पिछले साल टोटापुरी 2 रुपये प्रति किलो बिकी थी, जिससे किसानों को 2,000 रुपये प्रति टन मिला था।
प्रभाव और चुनौतियां
श्रीनिवासपुर, कोलार और मालूर टोटापुरी आम के लिए प्रसिद्ध हैं। इस साल अत्यधिक गर्मी और अचानक ओलावृष्टि जैसी जलवायु चरम स्थितियों के कारण बड़ी मात्रा में फसल खराब हुई है। किसानों ने लाखों रुपये खर्च किए हैं। अगर एक-दो दिन में MSP नहीं मिलता है तो वे फिर से विरोध प्रदर्शन करेंगे।
टोटापुरी की कम कीमत का कारण
वेदमूर्ति ने बताया कि टोटापुरी देर से आने वाली किस्म है, जो अन्य किस्मों के बाजार में आने के बाद आती है। लोग मीठी और रसीली किस्मों को पसंद करते हैं, जो अप्रैल-मई में आती हैं। टोटापुरी का उपयोग मुख्य रूप से आम के पल्प और जूस के लिए होता है, और निजी फैक्ट्रियां कम दाम लगाती हैं।
अन्य किस्मों की कीमतें
थोक और खुदरा बाजारों में अन्य आम किस्मों की कीमतें न तो बहुत कम हैं और न ही बहुत अधिक। बादामी अल्फोंसो थोक में 80 रुपये प्रति किलो है, जबकि मल्लिका, बंगनपल्ली, कालापहाड़, रसपुरी, सिंधुरा, इमाम पसंद आदि 15 से 20 रुपये प्रति किलो के बीच हैं।
किसानों के अनुभव
श्रीनिवासपुर की आम किसान वेंकट लक्ष्मम्मा ने कहा कि हर साल टोटापुरी उगाने में भारी नुकसान होता है। खुदरा में यह 30 रुपये प्रति किलो से अधिक नहीं बिकता। वह आम को बेंगलुरु के लालबाग में मैंगो मेले में बेचती हैं, जिससे कम से कम निवेश की राशि वसूल हो जाती है। कोलार जिले के नूलापुरा गांव के किसान सैयद अशफाक ने बताया कि वह तीन किस्में उगाते हैं ताकि टोटापुरी पर नुकसान की भरपाई हो सके। बादामी अल्फोंसो 150-200 रुपये प्रति किलो, कालापहाड़ 70 रुपये प्रति किलो बिकता है, लेकिन टोटापुरी बेचने में संदेह है। APMC मंडी में व्यापारी 2 रुपये प्रति किलो तक दाम लगाते हैं, और निजी फैक्ट्रियां 3-4 रुपये प्रति किलो देती हैं।
FAQ
टोटापुरी आम के लिए MSP कितना प्रस्तावित है?
कर्नाटक सरकार ने 4.37 रुपये प्रति किलो MSP की सिफारिश की है, जबकि किसान 8,000 से 10,000 रुपये प्रति टन की मांग कर रहे हैं।
टोटापुरी आम की कीमत कम क्यों होती है?
यह देर से आने वाली किस्म है, जो अन्य मीठी किस्मों के बाद बाजार में आती है। इसका उपयोग मुख्य रूप से पल्प और जूस के लिए होता है, जिससे निजी फैक्ट्रियां कम दाम देती हैं।
किसानों ने विरोध प्रदर्शन क्यों किया?
किसानों ने टोटापुरी आम के लिए MSP की मांग को लेकर सोमवार को श्रीनिवासपुर, मालूर, कोलार और आसपास के क्षेत्रों में बंद और विरोध प्रदर्शन किया।
स्रोत: www.thehindu.com