मुख्य तथ्य
DMK के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री Duraimurugan ने मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट से 2021 के विधानसभा चुनाव में उनकी जीत को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करने का अनुरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि 16वीं विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और 17वीं विधानसभा का गठन मई 2026 से हो चुका है, इसलिए याचिका का कोई औचित्य नहीं रह गया है।
मामले का विवरण
यह याचिका AIADMK उम्मीदवार V. Ramu ने दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि Katpadi विधानसभा क्षेत्र में 2021 के चुनाव के दौरान कुछ वैध वोटों को गलत तरीके से रद्द कर दिया गया और मतगणना प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं। Duraimurugan ने 85,140 वोट प्राप्त किए थे, जबकि Ramu को 84,394 वोट मिले थे, यानी जीत का अंतर केवल 746 वोटों का था।
Duraimurugan की दलील
Duraimurugan की ओर से पेश वकील Richardson Wilson ने कहा कि याचिका में चुनावी भ्रष्ट आचरण का आरोप नहीं लगाया गया है, बल्कि केवल वोटों की गलत गिनती और प्रक्रियात्मक खामियों का उल्लेख किया गया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद केवल भ्रष्ट आचरण के आधार पर दायर याचिकाओं पर ही सुनवाई जारी रखी जा सकती है। चूंकि यह याचिका उस श्रेणी में नहीं आती, इसलिए इसे खारिज किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि 2026 के चुनाव में Duraimurugan और Ramu दोनों Katpadi सीट से हार गए थे, और यह सीट Tamilaga Vettri Kazhagam के M. Sudhakar ने जीती थी। इसलिए, "इस चुनाव याचिका में अब कुछ भी तय करने के लिए नहीं बचा है।"
Ramu की दलील
दूसरी ओर, Ramu के वकील Arvind Srevatsa ने मद्रास हाईकोर्ट के हालिया फैसले का हवाला दिया, जिसमें 10 साल पुरानी एक चुनाव याचिका को स्वीकार करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष M. Appavu को Radhapuram सीट से विजयी घोषित किया गया था। उस मामले में भी वोटों की गलत गिनती का आरोप था, भ्रष्ट आचरण का नहीं। Srevatsa ने तर्क दिया कि इसी आधार पर वर्तमान याचिका पर भी सुनवाई होनी चाहिए।
Duraimurugan की ओर से जवाब
हालांकि, Wilson ने इसका खंडन करते हुए कहा कि Appavu के मामले में सुनवाई 15वीं विधानसभा के कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही पूरी हो गई थी और 2019 में वोटों की पुनर्गणना भी हो चुकी थी। पुनर्गणना के परिणाम सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के कारण 2026 तक घोषित नहीं किए जा सके। इसलिए, Appavu का मामला वर्तमान मामले पर लागू नहीं होता।
आगे की प्रक्रिया
न्यायमूर्ति G.K. Ilanthiraiyan ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले को आगे की सुनवाई के लिए स्थगित कर दिया। अब अदालत को यह तय करना है कि क्या याचिका को खारिज किया जाए या सुनवाई जारी रखी जाए।
FAQ
Duraimurugan ने चुनाव याचिका खारिज करने की मांग क्यों की?
उन्होंने कहा कि 16वीं विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और 17वीं विधानसभा का गठन हो चुका है, इसलिए याचिका का कोई औचित्य नहीं रह गया है।
याचिका में क्या आरोप लगाए गए थे?
AIADMK उम्मीदवार V. Ramu ने आरोप लगाया था कि मतगणना के दौरान कुछ वैध वोटों को गलत तरीके से रद्द कर दिया गया और प्रक्रियात्मक उल्लंघन हुए।
क्या इसी तरह के मामले में पहले कोई फैसला आया है?
हां, हाल ही में मद्रास हाईकोर्ट ने 10 साल पुरानी एक याचिका पर फैसला सुनाया था, जिसमें पूर्व विधानसभा अध्यक्ष M. Appavu को विजयी घोषित किया गया था।
स्रोत: www.thehindu.com