परिचय
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन और दक्षिण भारतीय सिनेमा के महानायक कमल हासन की जोड़ी ने 1985 की फिल्म 'गिरफ्तार' में साथ काम किया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे एक साल पहले ही दोनों ने एक और फिल्म 'खबरदार' में साथ काम करना शुरू कर दिया था, जो अधूरी रह गई? आइए जानते हैं इस फिल्म के शेल्व होने की असली वजह।
फिल्म 'खबरदार' की कहानी और कास्ट
1984 में बनने वाली फिल्म 'खबरदार' का निर्देशन तातिनेनी रामा राव कर रहे थे और निर्माण अटलूरी पूर्णचंद्र राव ने किया था। फिल्म की कहानी इच्छामृत्यु (euthanasia) पर आधारित थी, जिसमें अमिताभ बच्चन एक डॉक्टर और कमल हासन एक मरीज की भूमिका में थे। फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी थी और कमल हासन के 20-25 दिनों का शूट पूरा हो चुका था।
कमल हासन का बयान
1997 में एक इंटरव्यू में कमल हासन ने बताया था कि फिल्म का नाम 'कानून के कटघरे में' रखा जाना था। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि इसका नाम 'कानून के कटघरे में' होना था। मैंने 20-25 दिन शूट किया। तातिनेनी रामा राव निर्देशन कर रहे थे, तो लगभग आधी फिल्म पूरी हो चुकी थी। मेरा ज्यादातर हिस्सा खत्म हो गया था। फिर कुछ हुआ... मुझे बताया गया कि निर्माताओं को फिल्म पसंद नहीं आई। चूंकि मुझे आधा पारिश्रमिक मिल चुका था, मैंने कहा, 'ठीक है।' चार साल पहले वे फिल्म को पुनर्जीवित करना चाहते थे, लेकिन अब मेरा चेहरा बदल गया है और मैं एक अलग अभिनेता हूं। मैं उस तरह की एक्टिंग या कहानी नहीं करना चाहता जो मैंने सालों पहले की थी।"
के भाग्यराज का चौंकाने वाला दावा
हालांकि, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-अभिनेता के भाग्यराज ने एक अलग ही कहानी बताई। उन्होंने दावा किया कि फिल्म इसलिए बंद हुई क्योंकि अमिताभ बच्चन को लगा कि कमल हासन का किरदार उन पर भारी पड़ेगा। भाग्यराज ने कहा, "उन्होंने 10,000 फीट फिल्म शूट की, लेकिन फिर एक समस्या आई। स्क्रिप्ट के अनुसार, कमल हासन के किरदार को मरना था। कहानी तभी काम करती अगर कमल का किरदार मरता। लेकिन अगर ऐसा होता, तो अमिताभ बच्चन का किरदार महत्वहीन लगता और सारा श्रेय कमल को जाता। अगर कहानी बदलकर कमल को जिंदा रखा जाता, तो फिल्म का वही प्रभाव नहीं होता और हिट नहीं होती।"
भाग्यराज ने आगे कहा, "यह स्पष्ट था कि अगर कमल मरता, तो फिल्म हिट होती, लेकिन अमिताभ को ज्यादा पहचान नहीं मिलती। यह देखते हुए अमिताभ ने निर्माताओं से कहा, 'मैं माफी चाहता हूं।' उन्होंने कहा कि वह सिर्फ एक फिल्म के लिए अपने वर्षों की मेहनत से बनाई गई छवि खराब नहीं करना चाहते। उन्होंने पूर्णचंद्र राव से कहा कि वे कोई दूसरा प्रोजेक्ट लेकर आएं और जितनी चाहें उतनी कॉल शीट देने का वादा किया। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी जया बच्चन से भी इस पर चर्चा की थी। इस तरह प्रोजेक्ट अंततः बंद कर दिया गया।"
निष्कर्ष
फिल्म 'खबरदार' का शेल्व होना बॉलीवुड के अनसुने किस्सों में से एक है। कमल हासन और के भाग्यराज के अलग-अलग बयानों से साफ है कि इस फिल्म को लेकर कई रहस्य हैं। हालांकि, यह तय है कि अमिताभ बच्चन ने अपनी छवि को बचाने के लिए यह फैसला लिया था। आज भी यह फिल्म सिनेमा प्रेमियों के लिए एक कौतूहल का विषय बनी हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- कमल हासन ने 'खबरदार' के शेल्व होने की क्या वजह बताई? कमल हासन ने 1997 के इंटरव्यू में कहा था कि फिल्म के निर्माताओं को फिल्म पसंद नहीं आई, इसलिए उन्होंने इसे बंद कर दिया। बाद में जब वे इसे पुनर्जीवित करना चाहते थे, तो कमल ने मना कर दिया।
- के भाग्यराज के अनुसार 'खबरदार' क्यों बंद हुई? के भाग्यराज ने दावा किया कि अमिताभ बच्चन ने फिल्म से हटने का फैसला किया क्योंकि उन्हें लगा कि कमल हासन का किरदार उन पर भारी पड़ेगा और उनकी छवि खराब हो सकती है।
- फिल्म 'खबरदार' की कहानी क्या थी? फिल्म इच्छामृत्यु (euthanasia) के विषय पर आधारित थी, जिसमें अमिताभ बच्चन डॉक्टर और कमल हासन मरीज की भूमिका में थे।
Source: indianexpress.com