मुख्य तथ्य
बॉलीवुड अभिनेत्री और उद्यमी जूही चावला की संपत्ति लगभग 7,790 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि उनके पति जय मेहता का व्यावसायिक साम्राज्य 17,500 करोड़ रुपये से अधिक का है। हालांकि अक्सर उनकी संपत्ति का श्रेय आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में हिस्सेदारी को दिया जाता है, लेकिन मेहता परिवार की जड़ें 100 साल से भी पुरानी हैं और इसमें गुजरात के इतिहास का एक उल्लेखनीय अध्याय छिपा है।
विस्तार से जानकारी
1960 में जब द्विभाषी बॉम्बे राज्य का विभाजन हुआ और महाराष्ट्र व गुजरात अलग-अलग राज्य बने, तो नवगठित गुजरात सरकार को गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लोहाना इंटरनेशनल बिजनेस फोरम के अध्यक्ष श्री सतीशभाई विठलानी के अनुसार, राज्य सरकार को कर्मचारियों का वेतन देने में भी मुश्किल हो रही थी। ऐसे में सरकार ने जय मेहता के दादा, उद्योगपति नंजी कालिदास मेहता से कर्ज लिया।
विठलानी ने सागर काठरोतिया के पॉडकास्ट में कहा, “नंजी कालिदास मेहता मूल रूप से पोरबंदर के थे। उन्होंने युगांडा पहुंचने से पहले भारी कठिनाइयां झेलीं और वहां चीनी कारखानों सहित एक विशाल व्यावसायिक साम्राज्य खड़ा किया। गुजरात-महाराष्ट्र विभाजन के बाद गुजरात सरकार को शुरुआती वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। भुगतान संकट था, और जहां तक हम जानते हैं, सरकार ने नंजी कालिदास मेहता से कर्ज लिया। यह एक बड़ी बात है।”
प्रभाव और महत्व
नंजी कालिदास मेहता का सफर 13 साल की उम्र में पोरबंदर से पूर्वी अफ्रीका जाने से शुरू हुआ। उन्होंने मोम्बासा, केन्या में छोटे-मोटे काम किए और फिर व्यापार में कदम रखा। 1920 के दशक में उन्होंने युगांडा के लुगाज़ी में जमीन खरीदकर गन्ना उगाना शुरू किया। 1930 में उन्होंने युगांडा शुगर फैक्ट्री लिमिटेड की स्थापना की, जो पूर्वी अफ्रीका के सबसे बड़े औद्योगिक समूहों में से एक बना।
उनकी सफलता का प्रतीक पोरबंदर में स्थित स्वस्तिक भवन है, जो 1936 में बनकर तैयार हुआ। इस समुद्र तटीय हवेली में इंदिरा गांधी, मोरारजी देसाई, नरेंद्र मोदी और फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ जैसी हस्तियां आ चुकी हैं।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- मेहता परिवार का व्यवसाय चीनी, सीमेंट, आतिथ्य, रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचे तक फैला है।
- 1972 में ईदी अमीन द्वारा युगांडा से 80,000 एशियाई लोगों को निकाले जाने के बाद मेहता परिवार ने अपना सब कुछ खो दिया, लेकिन बाद में वापस लौटकर अपना साम्राज्य पुनर्स्थापित किया।
- यह कहानी उद्यमशीलता, संकट से उबरने और समाज सेवा की मिसाल है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जूही चावला के पति कौन हैं?
जूही चावला के पति जय मेहता हैं, जो एक प्रमुख उद्योगपति हैं।
नंजी कालिदास मेहता ने गुजरात सरकार को कब कर्ज दिया था?
1960 में बॉम्बे राज्य के विभाजन के बाद गुजरात सरकार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा, तब नंजी कालिदास मेहता ने कर्ज दिया था।
नंजी कालिदास मेहता का व्यवसाय क्या था?
उन्होंने युगांडा में चीनी कारखाना स्थापित किया और चीनी, सीमेंट, आतिथ्य, रियल एस्टेट आदि क्षेत्रों में साम्राज्य खड़ा किया।
स्वस्तिक भवन कहाँ स्थित है?
स्वस्तिक भवन पोरबंदर, गुजरात में स्थित एक ऐतिहासिक समुद्र तटीय हवेली है।