मुख्य तथ्य
अकाल तख्त ने शनिवार (20 जून 2026) को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के जनवरी 2026 में सामने पेश होने का वीडियो जारी किया। यह वीडियो एक कथित आपत्तिजनक वीडियो के मामले में जारी किया गया, जिसके चलते 15 जून 2026 को अकाल तख्त ने मान को 'गुरु द्रोखी' और 'खालसा पंथ विरोधी' घोषित कर दिया था।
विवरण
अमृतसर में जारी एक बयान में अकाल तख्त ने कहा कि जब मुख्यमंत्री 15 जनवरी 2026 को अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए, तो उन्होंने आपत्तिजनक वीडियो के बारे में कहा, 'यह पूरी तरह फर्जी है।' मान ने कहा कि वह स्वयं वीडियो की जांच चाहते हैं और फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के पते दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह AI का युग है और AI-जनरेटेड वीडियो न केवल उनके बल्कि दूसरों के भी बनाए गए हैं।
मान ने वीडियो को 'फर्जी प्रचार' बताया, जबकि विपक्षी दल उनके खिलाफ जारी आदेश के बाद उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
अकाल तख्त का रुख
अकाल तख्त के जत्थेदार ग्यानी कुलदीप सिंह गर्गज ने मान से दो सरकारी फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के नाम मांगे थे, जहां वीडियो की जांच हो सके। मान ने जांच कराने पर सहमति जताई थी। गर्गज ने कहा था कि मामला गुरुओं से जुड़ा है और भले ही वीडियो फर्जी निकले, किसी के चरित्र की हत्या नहीं होनी चाहिए।
जत्थेदार ने कहा था कि वीडियो असली है या फर्जी, यह केवल फोरेंसिक जांच से ही पता चल सकता है। मान ने कहा था कि जांच उनकी निगरानी में किसी भी फोरेंसिक प्रयोगशाला में कराई जा सकती है।
कोर्ट के आदेश का हवाला
बयान के अनुसार, मान ने जत्थेदार को बताया कि उनके पास कोर्ट का आदेश है जिसमें कहा गया है कि वीडियो स्वयं फर्जी है। गर्गज ने जवाब दिया कि उन्होंने कोर्ट का आदेश पढ़ा है और कोर्ट ने वीडियो की कोई जांच का आदेश नहीं दिया है।
मान ने तब कहा कि यदि जत्थेदार चाहें तो वह फोरेंसिक जांच कराने को तैयार हैं। इस पर जत्थेदार ने कहा कि यदि वीडियो सही निकला, तो अगला निर्णय खालसा पंथ करेगा।
मान ने नहीं दिए प्रयोगशालाओं के नाम
अकाल तख्त के अनुसार, मान को अपनी ओर से दो प्रयोगशालाओं के नाम देने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने आज तक ऐसा नहीं किया।
FAQ
अकाल तख्त ने भगवंत मान का वीडियो क्यों जारी किया?
अकाल तख्त ने 20 जून 2026 को पंजाब CM भगवंत मान के जनवरी 2026 में पेश होने का वीडियो जारी किया, जिसमें मान ने आपत्तिजनक वीडियो को फर्जी बताया और फोरेंसिक जांच की पेशकश की।
भगवंत मान को 'गुरु द्रोखी' क्यों घोषित किया गया?
अकाल तख्त ने 15 जून 2026 को मान को एक कथित आपत्तिजनक वीडियो के मामले में 'गुरु द्रोखी' और 'खालसा पंथ विरोधी' घोषित किया।
भगवंत मान ने वीडियो के बारे में क्या कहा?
मान ने वीडियो को 'पूरी तरह फर्जी' और 'फर्जी प्रचार' बताया, और कहा कि यह AI-जनरेटेड हो सकता है। उन्होंने फोरेंसिक जांच कराने की पेशकश की।