मुख्यमंत्री का स्पष्टीकरण
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार (20 जून, 2026) को स्पष्ट किया कि वह बिदादी इंटीग्रेटेड टाउनशिप प्रोजेक्ट के लिए अधिसूचित भूमि को डीनॉटिफाई नहीं करेंगे, क्योंकि वह 'जेल जाने को तैयार नहीं' हैं। यह प्रतिक्रिया उन्होंने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में दी, जब उनसे इस विवादास्पद परियोजना पर सवाल पूछा गया।
परियोजना का इतिहास और वर्तमान स्थिति
बेंगलुरु दक्षिण जिले के बिदादी में प्रस्तावित इस औद्योगिक टाउनशिप के लिए लगभग 9,000 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जानी है। शिवकुमार ने बताया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पिछली सरकारों के समय से चल रही है। उन्होंने कहा, "हम कुछ नया नहीं कर रहे हैं। हम केवल वही जारी रख रहे हैं जो श्री कुमारस्वामी ने अधिसूचित किया था और बाद में बी.एस. येदियुरप्पा ने जारी रखा।"
उन्होंने आगे बताया कि प्रस्तावित 9,000 एकड़ में से लगभग 1,000 एकड़ जमीन जगदीश शेट्टार के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दौरान अधिग्रहित की गई थी।
विपक्ष का विरोध और मुख्यमंत्री का पलटवार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) [जेडी(एस)] गठबंधन इस परियोजना का कड़ा विरोध कर रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र और विधान परिषद में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने 17 जून को प्रभावित गांवों का दौरा कर किसानों से एकजुटता जताई और घोषणा की कि 2028 में सत्ता में आने पर गठबंधन इस परियोजना को रद्द कर देगा।
शिवकुमार ने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा, "इस परियोजना का मालिक कौन है? श्री कुमारस्वामी ने इसे रेड ज़ोन क्यों घोषित किया?" उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि वे औद्योगिक विकास के लिए वैकल्पिक स्थान सुझाएं और भूमि अधिग्रहण के तरीके बताएं।
किसानों का मुआवजा और सहयोग
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार किसी भी किसान को जमीन देने के लिए मजबूर नहीं कर रही है। उन्होंने बताया, "किसान सहयोग कर रहे हैं, और लगभग 80% किसान अपनी जमीन देने को तैयार हैं। हम प्रति एकड़ 2.5 करोड़ रुपये का मुआवजा दे रहे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष किसानों को गुमराह कर रहा है।
FAQ
बिदादी इंटीग्रेटेड टाउनशिप प्रोजेक्ट क्या है?
यह बेंगलुरु दक्षिण जिले के बिदादी क्षेत्र में प्रस्तावित एक बड़ा औद्योगिक टाउनशिप है, जिसके लिए लगभग 9,000 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जानी है।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने जेल जाने की बात क्यों कही?
उन्होंने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी द्वारा अधिसूचित भूमि को डीनॉटिफाई नहीं कर सकते, क्योंकि ऐसा करना कानूनी रूप से गलत होगा और उन्हें जेल जाना पड़ सकता है।
किसानों को कितना मुआवजा दिया जा रहा है?
सरकार प्रति एकड़ 2.5 करोड़ रुपये का मुआवजा दे रही है और लगभग 80% किसान जमीन देने को तैयार हैं।
विपक्ष का इस परियोजना पर क्या रुख है?
भाजपा और जेडी(एस) गठबंधन इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं और 2028 में सत्ता में आने पर इसे रद्द करने का वादा कर रहे हैं।