मुख्य तथ्य
महाराष्ट्र के परभणी जिले में यशवाड़ी मंदिर के सभामंडप की छत गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई और 27 लोग मलबे में दब गए। यह घटना शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे निर्माण कार्य के दौरान हुई।
हादसे का विवरण
स्थानीय विधायक राजेश विटेकर ने बताया कि मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। चार लोगों की मौत हो गई, तीन का इलाज जिला सामान्य अस्पताल में चल रहा है, जबकि 20 लोगों का आरपी मेडिकल कॉलेज में उपचार किया जा रहा है।
विटेकर ने कहा, "कारीगर अन्य राज्यों से थे और पत्थर राजस्थान से मंगाया गया था। काम लगभग पूरा हो चुका था, लेकिन घटना के सटीक कारण स्पष्ट नहीं हैं।" उन्होंने आगे कहा, "मैंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों से बात की है; ऐसा लगता है कि खंभे को सुरक्षित करने में देरी या चूक हुई, जिससे सभामंडप अचानक ढह गया।"
मंदिर का महत्व
यशवाड़ी मंदिर परभणी जिले का सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है, जहाँ हर शनिवार को 25,000 से 50,000 श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।
बचाव अभियान
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "सभामंडप का स्लैब करीब 3:30 बजे गिरा। पुलिस और जिला प्रशासन ने अपनी टीमें भेज दी हैं और बचाव अभियान जारी है।" घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गए थे।
FAQ
परभणी मंदिर हादसे में कितने लोग मारे गए?
इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई।
यशवाड़ी मंदिर कहाँ स्थित है?
यह मंदिर महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी गाँव में है, जो छत्रपति संभाजीनगर से लगभग 190 किमी दूर है।
हादसे के समय मंदिर में कितने श्रद्धालु थे?
हर शनिवार को 25,000 से 50,000 श्रद्धालु आते हैं, लेकिन हादसे के समय सटीक संख्या स्पष्ट नहीं है।