मुख्यमंत्री पर हमला
केरल में नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) और मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के बीच तनाव शनिवार (20 जून) को फिर से सामने आया। NSS महासचिव जी. सुकुमारन नायर ने मुख्यमंत्री पर कंपनी अधिनियम में संशोधन पर चर्चा से इनकार करने का आरोप लगाया।
112वीं वार्षिक बजट बैठक को संबोधित करते हुए नायर ने कहा, "मुख्यमंत्री से मिलने का अनुरोध कंपनी अधिनियम संशोधन के सिलसिले में किया गया था। यह पिछली सरकार के दौरान दाखिल याचिका की निरंतरता थी। लेकिन दोनों बार मिलने की अनुमति नहीं दी गई।"
NSS बजट और नेतृत्व
बैठक में NSS का बजट पेश किया गया, जिसमें आय और व्यय दोनों ₹175 करोड़ रखे गए। नायर ने सतीशन को 'अहंकारी' बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री NSS को कमजोर नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, "हालांकि, NSS चाहे तो बहुत कुछ कर सकता है। नायर समुदाय के सदस्यों को एकजुट रहना चाहिए। NSS किसी के सामने झुकेगा नहीं।"
बैठक में नायर को छठी बार महासचिव चुना गया, जो तीन साल का कार्यकाल होगा। एन.वी. अय्यप्पन पिल्लै को कोषाध्यक्ष और एम. संगीत कुमार को उपाध्यक्ष पुनः चुना गया। नौ सदस्यों को निदेशक मंडल में शामिल किया गया।
पूर्व मंत्री के.बी. गणेश कुमार का बयान
पूर्व मंत्री के.बी. गणेश कुमार NSS बोर्ड में दोबारा नहीं चुने गए। उन्हें पठानापुरम तालुक यूनियन के अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया था। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे NSS के साथ बने रहेंगे और कभी पद या सम्मान नहीं मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि NSS लोकतांत्रिक सिद्धांतों के विपरीत फैसले ले रहा है।
नायर ने जवाब में कहा कि अगर पठानापुरम में कोई कार्रवाई अवैध या नियमों के खिलाफ है, तो कुमार अदालत जा सकते हैं।
शराब नियंत्रण पर प्रस्ताव
बैठक में राज्य में शराब की दुकानों पर सख्त नियंत्रण और नई दुकानों के लाइसेंस न देने का प्रस्ताव पारित किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NSS और केरल के मुख्यमंत्री के बीच विवाद क्यों है?
NSS का आरोप है कि मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कंपनी अधिनियम में संशोधन पर चर्चा के लिए मिलने से इनकार किया। यह विवाद 2021 से चला आ रहा है जब सतीशन विपक्ष के नेता बने थे।
NSS बजट बैठक में क्या फैसले लिए गए?
बैठक में ₹175 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई, जी. सुकुमारन नायर को छठी बार महासचिव चुना गया, और शराब की दुकानों पर सख्त नियंत्रण की मांग की गई।
पूर्व मंत्री के.बी. गणेश कुमार का NSS से क्या विवाद है?
के.बी. गणेश कुमार NSS बोर्ड में दोबारा नहीं चुने गए और पठानापुरम तालुक यूनियन से हटा दिए गए। उन्होंने NSS पर लोकतांत्रिक सिद्धांतों के विरुद्ध काम करने का आरोप लगाया।
स्रोत: www.thehindu.com