प्रमुख तथ्य
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। कुछ फर्जी वेबसाइटें ICAR के नाम पर डोनेशन मांग रही हैं। यह एक धोखाधड़ी है। ICAR ने स्पष्ट किया है कि वह कभी भी इस तरह से डोनेशन नहीं मांगता।
विस्तार से जानकारी
ICAR ने बताया कि कई फर्जी वेबसाइटें उनके लोगो और नाम का उपयोग कर लोगों को गुमराह कर रही हैं। ये वेबसाइटें कृषि अनुसंधान के नाम पर धन मांगती हैं। ICAR ने लोगों से ऐसी किसी भी वेबसाइट पर भरोसा न करने की अपील की है।
प्रभाव
इस तरह की धोखाधड़ी से आम जनता को वित्तीय नुकसान हो सकता है। साथ ही, ICAR की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचती है। कई लोग पहले ही इस स्कैम का शिकार हो चुके हैं।
पाठकों के लिए सुझाव
- केवल ICAR की आधिकारिक वेबसाइट (icar.org.in) का ही उपयोग करें।
- किसी भी अनजान लिंक या ईमेल पर क्लिक न करें।
- डोनेशन करने से पहले वेबसाइट की प्रामाणिकता जांचें।
- यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत साइबर क्राइम या ICAR को सूचित करें।
FAQ
ICAR ने फर्जी डोनेशन के बारे में चेतावनी क्यों जारी की?
ICAR ने कुछ फर्जी वेबसाइटों के जरिए उनके नाम पर डोनेशन मांगे जाने की शिकायतों के बाद यह चेतावनी जारी की है।
फर्जी डोनेशन स्कैम से कैसे बचा जा सकता है?
केवल ICAR की आधिकारिक वेबसाइट पर ही डोनेशन करें। किसी अन्य लिंक या अनुरोध पर पैसे न भेजें।
अगर कोई फर्जी वेबसाइट मिले तो क्या करें?
तुरंत साइबर क्राइम या ICAR को सूचित करें। किसी भी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी को साझा न करें।
Source: timesofindia.indiatimes.com