प्रमुख तथ्य
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 19 जून, 2026 को नई दिल्ली के सरदार वल्लभभाई पटेल ऑडिटोरियम में 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन के दौरान 'अभिज्ञान' ऐप लॉन्च किया। यह ऐप राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा विकसित किया गया है और इसे पुलिस बलों को सड़क पर ही संदिग्धों की फिंगरप्रिंट पहचान करने में सक्षम बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
क्या है अभिज्ञान ऐप?
अभिज्ञान एक मोबाइल एप्लिकेशन है जो राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (NAFIS) से जुड़ा है। NAFIS में देशभर के आरोपियों, दोषियों और जेल में बंद व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट का केंद्रीकृत डेटाबेस है। इस ऐप की मदद से पुलिस कर्मी अपने स्मार्टफोन पर ही फिंगरप्रिंट स्कैन करके 35 सेकंड के भीतर आपराधिक रिकॉर्ड प्राप्त कर सकते हैं।
कैसे काम करेगा?
प्रदर्शन के अनुसार, “सड़कों पर नियमित वाहन जांच के दौरान किसी भी संदिग्ध व्यक्ति का बायोमेट्रिक स्कैन किया जा सकता है ताकि अपराधों में वांछित व्यक्तियों की पहचान हो सके। फील्ड अधिकारी कुछ सेकंड में संदिग्ध का आपराधिक इतिहास प्राप्त कर सकते हैं। इससे पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा मिलेगी, क्योंकि उन्हें किसी कठोर अपराधी की मौजूदगी के बारे में पहले से पता चल जाएगा।”
वर्तमान में, NAFIS डेटाबेस तक पहुंच केवल 1,556 वर्कस्टेशनों के माध्यम से उपलब्ध है, जो देशभर के पुलिस स्टेशनों और जिला मुख्यालयों पर तैनात हैं। मौजूदा प्रक्रिया में किसी व्यक्ति को वर्कस्टेशन पर लाकर उसके फिंगरप्रिंट का मिलान किया जाता है। अभिज्ञान ऐप इस प्रक्रिया को मोबाइल और त्वरित बना देगा।
गृह मंत्री का बयान
अमित शाह ने कहा कि यह ऐप फील्ड पुलिस कर्मियों को सीधे उनके स्मार्टफोन पर आपराधिक रिकॉर्ड का विशाल भंडार उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा, “दो-चरणीय प्रमाणीकरण से सुरक्षित, यह सेकंडों में रियल-टाइम फिंगरप्रिंट पहचान की अनुमति देता है, जो जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को मजबूत करता है। तेज पहचान, पोर्टेबिलिटी और लाखों रिकॉर्ड तक पहुंच जैसी सुविधाओं से युक्त 'अभिज्ञान' एक अत्यंत शक्तिशाली उपकरण है।”
शाह ने यह भी बताया कि NAFIS डेटाबेस में लगभग 9.91 लाख नशीले पदार्थों के अपराधियों, 3.65 लाख मानव तस्करी के मामलों और व्यापक जेल डेटाबेस के रिकॉर्ड शामिल हैं। उन्होंने जोर दिया कि NAFIS का उपयोग केवल अपराधियों की पहचान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हर अपराध स्थल से एकत्रित फिंगरप्रिंट को डेटाबेस में अपलोड करके इसे लगातार समृद्ध किया जाना चाहिए।
कानूनी पहलू
एक NCRB अधिकारी के अनुसार, आपराधिक प्रक्रिया पहचान अधिनियम, 2022 इस तरह की जांचों के लिए कानूनी आधार प्रदान करता है। हालांकि, अधिनियम की धारा 3 फिंगरप्रिंट सहित मापों की अनिवार्य रिकॉर्डिंग को केवल दोषी ठहराए गए या गिरफ्तार व्यक्तियों और दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के तहत सदाचार या शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा देने के आदेशित व्यक्तियों तक सीमित करती है। यह अधिनियम बिना किसी सबूत के यादृच्छिक जांच की अनुमति नहीं देता।
प्रभाव और चुनौतियां
अभिज्ञान ऐप से पुलिस की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। यह न केवल अपराधियों की त्वरित पहचान में मदद करेगा, बल्कि पुलिस कर्मियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों ने बिना किसी आपराधिक संदेह के यादृच्छिक फिंगरप्रिंट जांच की संभावना पर चिंता जताई है, जो गोपनीयता के अधिकार का उल्लंघन हो सकता है।
प्रशिक्षण और कार्यान्वयन
गृह मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक बनाया जाना चाहिए। प्रशिक्षण मॉड्यूल में संक्षिप्त आरोपपत्र तैयार करने की कला, साथ ही वैज्ञानिक साक्ष्यों के संग्रह, संरक्षण और अपलोड करने की सटीक प्रक्रियाओं को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि फिंगरप्रिंट, टेलीफोन टावर डेटा, फेशियल रिकॉग्निशन, आइरिस स्कैन और डीएनए के मिलान के बाद भी अदालतों में 250 सबूत पेश किए जाते हैं, तो तकनीक का कोई वास्तविक उद्देश्य नहीं रह जाता।
FAQ
अभिज्ञान ऐप क्या है?
अभिज्ञान एक मोबाइल ऐप है जिसे NCRB ने विकसित किया है। यह पुलिस को स्मार्टफोन पर फिंगरप्रिंट स्कैन करके NAFIS डेटाबेस से तुरंत मिलान करने की सुविधा देता है।
अभिज्ञान ऐप कैसे काम करता है?
पुलिस सड़क पर किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के फिंगरप्रिंट को पोर्टेबल स्कैनर से लेकर ऐप के जरिए NAFIS डेटाबेस से मिला सकती है। मिलान में केवल 35 सेकंड लगते हैं।
NAFIS डेटाबेस में कितने रिकॉर्ड हैं?
NAFIS में लगभग 1.3 करोड़ आपराधिक संदिग्धों और दोषियों के फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड हैं, जिनमें 9.91 लाख नशीले पदार्थों के तस्कर और 3.65 लाख मानव तस्करी के मामले शामिल हैं।
क्या यह ऐप कानूनी रूप से वैध है?
यह ऐप आपराधिक प्रक्रिया पहचान अधिनियम, 2022 के तहत काम करता है, जो दोषियों और गिरफ्तार व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट लेने की अनुमति देता है। हालांकि, बिना किसी सबूत के यादृच्छिक जांच की अनुमति नहीं है।