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दिल्ली के सुजान सिंह पार्क नॉर्थ की लीज विवाद: कंपनी ने केंद्र के नोटिस को बताया अमान्य

मुख्य तथ्य नई दिल्ली के प्रतिष्ठित सुजान सिंह पार्क नॉर्थ कॉम्प्लेक्स के लीज विवाद में सर सोभा सिंह एंड संस प्राइवेट लिमिटेड ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के एस्टेट ऑफिसर के समक्ष पेश होकर बेदखली…

मुख्य तथ्य

नई दिल्ली के प्रतिष्ठित सुजान सिंह पार्क नॉर्थ कॉम्प्लेक्स के लीज विवाद में सर सोभा सिंह एंड संस प्राइवेट लिमिटेड ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के एस्टेट ऑफिसर के समक्ष पेश होकर बेदखली नोटिस को चुनौती दी। कंपनी ने तर्क दिया कि उसने लीज की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया है।

एस्टेट ऑफिसर ने 11 जून को सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जेदारों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत कंपनी को बेदखली नोटिस जारी किया था। नोटिस में कहा गया था कि कंपनी ने 1945 के लीज का उल्लंघन किया और 1960 में लीज को समाप्त कर दिया गया। तब से कंपनी परिसर पर अनधिकृत कब्जा कर रही है, जिसमें आवासीय फ्लैट और अंबेसडर होटल शामिल हैं।

कंपनी का पक्ष

कंपनी के जनरल मैनेजर कर्नल एस पी शर्मा (सेवानिवृत्त) ने एस्टेट ऑफिसर को दिए प्रतिनिधित्व में तर्क दिया कि 1960 की री-एंट्री 'अमान्य और निष्क्रिय' थी। उन्होंने कहा कि कोई उल्लंघन नहीं हुआ, कोई वैध नोटिस या सुधार का अवसर नहीं दिया गया, मुख्य आयुक्त की अनुमति नहीं ली गई, और कभी कब्जा नहीं लिया गया।

कंपनी के अधिवक्ता शौनक कश्यप ने कहा कि सरकार ने आरोप लगाया था कि होटल ब्लॉक और लॉन्ड्री ब्लॉक के निर्माण से लीज का उल्लंघन हुआ। उन्होंने कहा, 'हमने 108 प्रदर्शों, स्वीकृति मानचित्रों, पूछताछों और साक्ष्यों के माध्यम से यह स्थापित किया कि यह उनकी स्वीकृति और सक्रिय भागीदारी से बनाया गया था।' कंपनी ने 1951 में एनडीएमसी (नई दिल्ली नगर समिति) द्वारा स्वीकृत एक मानचित्र भी प्रस्तुत किया जिसमें होटल ब्लॉक शामिल था।

विवाद की पृष्ठभूमि

ब्रिटिश भारत सरकार ने 1945 में कंपनी को 7.58 एकड़ जमीन 100 फ्लैट बनाने के लिए स्थायी लीज पर दी थी। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, फ्लैटों का उपयोग सरकार द्वारा सैन्य अधिकारियों को रखने के लिए किया जाना था, जिसके बाद 50% फ्लैट कंपनी को देने थे, जबकि 50% सरकारी अधिकारियों के लिए रखे जाने थे। लीज के उल्लंघन और ग्राउंड रेंट के भुगतान को लेकर दशकों से दोनों के बीच कानूनी विवाद चल रहा है। 30 अप्रैल को एलएंडडीओ ने लीज शर्तों के उल्लंघन के लिए 940 करोड़ रुपये की मांग का नोटिस जारी किया था।

आगे की कार्यवाही

एस्टेट ऑफिसर के समक्ष अगली सुनवाई 3 जुलाई को निर्धारित है। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने शुक्रवार की कार्यवाही पर टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया।

FAQ

सुजान सिंह पार्क नॉर्थ लीज विवाद क्या है?

यह नई दिल्ली के सुजान सिंह पार्क नॉर्थ कॉम्प्लेक्स की 7.58 एकड़ जमीन के लीज को लेकर सर सोभा सिंह एंड संस और केंद्र सरकार के बीच दशकों पुराना कानूनी विवाद है। सरकार ने लीज शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए बेदखली नोटिस जारी किया है।

कंपनी ने नोटिस को क्यों चुनौती दी?

कंपनी का कहना है कि 1960 में लीज की री-एंट्री अमान्य थी क्योंकि इसमें कोई उल्लंघन नहीं हुआ, कोई वैध नोटिस नहीं दिया गया, और मुख्य आयुक्त की अनुमति नहीं ली गई। कंपनी ने यह भी दावा किया कि होटल ब्लॉक का निर्माण सरकार की मंजूरी से हुआ था।

अगली सुनवाई कब है?

एस्टेट ऑफिसर के समक्ष अगली सुनवाई 3 जुलाई को निर्धारित है।

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