Desh Duniya | K.S. लिंगेश

हासन जिले में 1,700 एकड़ जमीन घोटाला: पूर्व jd(s) विधायक k.s. लिंगेश सहित 15 से अधिक गिरफ्तार

मुख्य तथ्य कर्नाटक के हासन जिले में एक बड़े जमीन घोटाले का खुलासा हुआ है। आपराधिक जांच विभाग (CID) ने शुक्रवार को पूर्व JD(S) विधायक K.S. लिंगेश और दो पूर्व तहसीलदारों सहित 15 से अधिक…

मुख्य तथ्य

कर्नाटक के हासन जिले में एक बड़े जमीन घोटाले का खुलासा हुआ है। आपराधिक जांच विभाग (CID) ने शुक्रवार को पूर्व JD(S) विधायक K.S. लिंगेश और दो पूर्व तहसीलदारों सहित 15 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। यह मामला बेलूर तालुक में बगैर हुकूम काश्तकारों को जमीन आवंटन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।

क्या है बगैर हुकूम काश्तकारी?

बगैर हुकूम का अर्थ है बिना प्रशासनिक अनुमति के सरकारी जमीन पर खेती करना। ऐसे काश्तकारों को नियमित करने के लिए बगैर हुकूम समिति बनाई जाती है, जिसका नेतृत्व आमतौर पर स्थानीय विधायक करते हैं। K.S. लिंगेश इस समिति के अध्यक्ष थे जब वे बेलूर से विधायक थे।

घोटाले का विवरण

CID सूत्रों के अनुसार, इस मामले में लगभग 30 आरोपी हैं और जांच एजेंसी बाकी संदिग्धों की तलाश कर रही है। यह घोटाला जनवरी 2013 से जनवरी 2023 के बीच हुआ माना जाता है और इसमें लगभग 1,700 एकड़ जमीन शामिल है। एक CID अधिकारी ने बताया, “आरोपियों में राजस्व अधिकारी और पूर्व विधान परिषद सदस्य शामिल हैं। उनमें से कई अब मृत हैं।”

शिकायत और जांच

यह मामला मूल रूप से बेलूर पुलिस स्टेशन में कोलार के एक RTI कार्यकर्ता की शिकायत पर दर्ज किया गया था। आरोप है कि समिति ने गैर-मौजूद लाभार्थियों को सरकारी जमीन आवंटित की, जिससे सरकार को भारी नुकसान हुआ और यह धोखाधड़ी के समान है। जांच कुछ समय के लिए स्थगित रही, लेकिन हाल ही में स्थगन आदेश हटने के बाद CID ने जांच शुरू की।

लिंगेश का बचाव

पूर्व विधायक K.S. लिंगेश ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था, “अपने कार्यकाल के दौरान, मैंने 720 एकड़ से संबंधित फाइलें मंजूर कीं, और लाभार्थियों की संख्या 562 थी। ये सभी बेलूर तालुक के निवासी हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि किसी बाहरी व्यक्ति को जमीन नहीं दी गई।”

आगे की कार्रवाई

CID ने गिरफ्तारियों के बाद बयान दिया कि और भी लोगों की तलाश जारी है। अब तक किसी भी आरोपी ने अग्रिम जमानत नहीं ली है, जबकि कुछ ने मामले को खारिज करने की मांग की थी, लेकिन वह खारिज नहीं हुआ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

बगैर हुकूम काश्तकार क्या होते हैं?

बगैर हुकूम काश्तकार वे किसान होते हैं जो सरकारी जमीन पर बिना औपचारिक अनुमति के खेती करते हैं। इसे नियमित करने के लिए समितियां बनाई जाती हैं।

इस मामले में कितनी जमीन शामिल है?

इस घोटाले में लगभग 1,700 एकड़ सरकारी जमीन शामिल बताई जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों में कौन-कौन शामिल हैं?

गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व JD(S) विधायक K.S. लिंगेश, दो पूर्व तहसीलदार मोहन कुमार और पुट्टा शेट्टी शामिल हैं।

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