मुख्य बातें
CPI(M) के राज्य सचिव पी शनमुगम ने शुक्रवार को उस धारणा का खंडन किया कि तमिलागा वेट्ट्री कड़गम (TVK) सरकार सोशल मीडिया रील्स के दम पर बनी 'रील सरकार' है, न कि 'असली सरकार'। उन्होंने कहा कि TVK ने DMK के खिलाफ जनता के असंतोष को प्रभावी ढंग से भुनाया।
विस्तार से
शनमुगम, जिनकी पार्टी सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को बाहरी समर्थन दे रही है, ने पार्टी के मुखपत्र में प्रकाशित एक नोट में कहा, 'लोगों ने BJP और DMK सरकारों द्वारा अपनाई गई नवउदारवादी नीतियों के प्रतिकूल प्रभाव को महसूस किया। वे धन के संकेंद्रण, खनिज संसाधनों के दोहन, भ्रष्टाचार और महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर चिंतित थे। TVK ने DMK सरकार द्वारा अपने कई वादों को पूरा करने में विफलता और अन्य को लागू करने में देरी को उजागर किया। DMK को समझना चाहिए कि केवल कल्याणकारी योजनाएं ही लोगों को संतुष्ट करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।'
उनके अनुसार, TVK ने सरकार बनाने के लिए बहुमत से कम सीटें जीती थीं और उसने CPI(M) से समर्थन मांगते हुए धर्मनिरपेक्षता और समावेशी शासन के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता जताई थी। शनमुगम ने कहा, 'जब हम उनसे मिले तो उन्होंने उन प्रतिबद्धताओं को दोहराया। इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, हमने TVK सरकार का समर्थन करने का फैसला किया।'
प्रभाव और आगे की राह
शनमुगम ने कहा कि CPI(M) विजय द्वारा किए गए वादों के साथ-साथ लोगों को लाभ पहुंचाने वाले कल्याणकारी उपायों और नीतियों के कार्यान्वयन का स्वागत करेगी। उन्होंने चेतावनी दी, 'यदि सरकार जनविरोधी उपाय लागू करती है, तो पार्टी उनका विरोध करेगी और उनके खिलाफ लड़ेगी।'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि CPI(M) को इस बात का कोई भ्रम नहीं है कि संसद या राज्य विधानसभा में कुछ सीटें जीतने मात्र से लोगों की समस्याएं पूरी तरह हल हो सकती हैं। 'हालांकि, विधायिकाएं लोगों के मुद्दों को उठाने और सत्ता में बैठे लोगों के गलत कामों को उजागर करने का एक मंच प्रदान करती हैं।'
उन्होंने इस दावे को दोहराया कि TVK को समर्थन देकर उनकी पार्टी ने राष्ट्रपति शासन या DMK के समर्थन से AIADMK सरकार के गठन को रोक दिया। DMK समर्थकों और सहानुभूतियों द्वारा CPI(M) पर की गई तीखी आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए शनमुगम ने कहा कि DMK के समर्थन से AIADMK सरकार बनाने का प्रस्ताव इस एजेंडे से प्रेरित था कि द्रविड़ पार्टियों के अलावा किसी अन्य राजनीतिक ताकत को सत्ता में नहीं आने दिया जाना चाहिए। उन्होंने पूछा, 'क्या यह किसी भी तरह से तमिलनाडु के हितों का प्रतिनिधित्व करता है?'
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के युवाओं ने अपने जीवन के अनुभवों से सीख ली है और एक नए राजनीतिक विकल्प के लिए वोट दिया है। 'दुनिया भर में, वामपंथी और दक्षिणपंथी दोनों दल सत्ता में आए हैं। हमने नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों में राजनीतिक बदलाव लाने में युवाओं की भूमिका देखी है। क्या तमिलनाडु में ऐसे बदलाव से इनकार करना सही है?'
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
CPI(M) ने TVK सरकार का समर्थन क्यों किया?
CPI(M) ने TVK को समर्थन इसलिए दिया क्योंकि TVK ने धर्मनिरपेक्षता और समावेशी शासन के प्रति प्रतिबद्धता जताई। साथ ही, पार्टी का मानना था कि इस समर्थन से राष्ट्रपति शासन या AIADMK सरकार के गठन को रोका जा सका।
CPI(M) नेता ने TVK सरकार को 'रील सरकार' कहे जाने पर क्या कहा?
पी शनमुगम ने इस धारणा को खारिज किया कि TVK सरकार सिर्फ सोशल मीडिया रील्स के दम पर बनी है। उन्होंने कहा कि TVK ने DMK की नवउदारवादी नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की नाराजगी को प्रभावी ढंग से भुनाया।
CPI(M) TVK सरकार के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगी?
CPI(M) ने स्पष्ट किया है कि यदि TVK सरकार जनविरोधी नीतियां लागू करती है, तो पार्टी उनका विरोध करेगी और उनके खिलाफ लड़ेगी।