मुख्य तथ्य
अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिसका उद्देश्य मध्य पूर्व में संघर्ष को समाप्त करना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एक रात्रिभोज के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह घटना G7 शिखर सम्मेलन के बाद वर्साय पैलेस में हुई।
समझौते का विवरण
समझौते को 'इस्लामाबाद ज्ञापन' नाम दिया गया है। इसके तहत दोनों देश 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की शर्तों पर बातचीत करेंगे। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बकाई ने कहा, "इस्लामाबाद ज्ञापन के पाठ पर राष्ट्रपतियों के हस्ताक्षर हो चुके हैं - अब समझौते के कार्यान्वयन की परीक्षा का समय है।"
समझौते की मुख्य शर्तें
- सैन्य अभियानों की समाप्ति: सभी मोर्चों पर तत्काल और स्थायी रूप से सैन्य अभियान बंद होंगे, जिसमें लेबनान भी शामिल है।
- नौसैनिक नाकाबंदी हटाना: अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी हटाएगा और युद्ध-पूर्व स्तर पर जहाजों की आवाजाही बहाल होगी।
- सुरक्षित मार्ग: ईरान 60 दिनों के लिए बिना किसी शुल्क के वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था करेगा।
- अमेरिकी सेना की वापसी: अंतिम समझौते के 30 दिनों के भीतर अमेरिकी सेना ईरान के आसपास के क्षेत्रों से हट जाएगी।
पृष्ठभूमि और प्रतिक्रिया
यह समझौता मूल रूप से शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाला था, लेकिन इसे G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ही कर लिया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने बुधवार को एक कॉन्फ्रेंस कॉल में दस्तावेज़ का पाठ पढ़ा। इससे पहले ट्रंप ने रविवार को इस समझौते की घोषणा की थी, जिसके बाद पारदर्शिता की कमी को लेकर सार्वजनिक दबाव बढ़ गया था।
FAQ
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर कब और कहां हस्ताक्षर हुए?
इस समझौते पर 17 जून 2026 को फ्रांस के वर्साय पैलेस में G7 शिखर सम्मेलन के बाद एक रात्रिभोज के दौरान हस्ताक्षर हुए।
समझौते की मुख्य शर्तें क्या हैं?
समझौते में सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने, 30 दिनों में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और 60 दिनों के लिए वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था करने का प्रावधान है।
अंतिम समझौते के लिए कितना समय मिलेगा?
दोनों देशों को अंतिम समझौते की शर्तों पर बातचीत के लिए 60 दिन का समय मिलेगा।
स्रोत: www.ndtv.com