प्रमुख तथ्य
चिक्कमगलुरु की एक अदालत ने सोमवार (15 जून) को एक व्यक्ति को नाबालिग से यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराते हुए 20 साल के सश्रम कारावास और ₹25,000 जुर्माने की सजा सुनाई। यह मामला कालसा पुलिस थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
मामले का विवरण
कालसा पुलिस ने नवंबर 2024 में 30 वर्षीय अनिल पूजारी के खिलाफ नाबालिग से यौन शोषण के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोपी पर यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। कोप्पा उप-मंडल के पुलिस उपाधीक्षक एम.जी. बालाजी सिंह ने जांच की और अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।
अदालत का फैसला
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश और FTSC-1 ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और ₹25,000 का जुर्माना लगाया। इसके अलावा, अदालत ने पीड़िता को कर्नाटक पीड़ित मुआवजा योजना के तहत ₹4 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया। विशेष लोक अभियोजक बी. भरत कुमार ने अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया।
पीड़िता को मुआवजा
अदालत के आदेश के अनुसार, पीड़िता को ₹4 लाख की राशि मुआवजे के रूप में दी जाएगी। यह राशि कर्नाटक पीड़ित मुआवजा योजना के तहत प्रदान की जाएगी, जो यौन अपराधों के पीड़ितों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
FAQ
- प्रश्न: इस मामले में आरोपी को कितनी सजा हुई?
उत्तर: आरोपी अनिल पूजारी को 20 साल की सश्रम कारावास और ₹25,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई। - प्रश्न: पीड़िता को कितना मुआवजा मिला?
उत्तर: पीड़िता को कर्नाटक पीड़ित मुआवजा योजना के तहत ₹4 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया गया। - प्रश्न: यह मामला कब दर्ज हुआ था?
उत्तर: कालसा पुलिस ने नवंबर 2024 में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
स्रोत: www.thehindu.com