मुख्य बातें
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि यदि खरीफ फसलों के लिए उर्वरक की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे आंदोलन शुरू करेंगे। SKM ने बिहार और मध्य प्रदेश में उर्वरक की कालाबाजारी और पुलिस कार्रवाई के मामले उठाए हैं।
विस्तार से
SKM, जो लगभग 500 किसान संगठनों का छाता संगठन है, ने बुधवार (17 जून 2026) को राष्ट्रीय परिषद की बैठक के बाद पत्रकारों से बात की। नेताओं ने कहा कि बिहार और मध्य प्रदेश में किसानों को उर्वरक की कमी का सामना करना पड़ रहा है और कालाबाजारी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में उर्वरक की मांग करने वाले किसानों पर पुलिस ने हमला किया। SKM ने कहा, 'सरकार दावा करती है कि वे पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है।'
अन्य मांगें और चेतावनी
SKM ने नरेंद्र मोदी सरकार को अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर न करने की चेतावनी दी। यदि सरकार भारत-अमेरिका FTA पर हस्ताक्षर करती है, तो SKM अगले ही दिन बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगा।
बैठक में एमएस स्वामीनाथन कमेटी फॉर्मूले पर वैधानिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) कानून बनाने, सभी FTA को रद्द करने और किसानों के लिए व्यापक कर्ज माफी की मांग दोहराई गई। साथ ही, ग्रामीण रोजगार गारंटी के तहत प्रति वर्ष 200 दिन काम और ₹600 मजदूरी, तथा अस्थायी प्रवासी मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी ₹26,000 करने की मांग की गई।
आगे की रणनीति
SKM का अखिल भारतीय सम्मेलन 28 जुलाई को होगा, जिसमें अगले चरण के अभियान की घोषणा की जाएगी। SKM ने कहा कि वह मजदूरों, कृषि मजदूरों, छात्रों, युवाओं और अन्य वर्गों के साथ समन्वय करेगा। 29 जुलाई को दिल्ली में श्रमिक संघों सहित राष्ट्रीय श्रमिक-किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
बैठक में NEET (UG) पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया।
FAQ
SKM ने क्या चेतावनी दी है?
SKM ने कहा है कि यदि सरकार ने खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की, तो वे आंदोलन शुरू करेंगे।
किस राज्यों में उर्वरक की कमी है?
बिहार और मध्य प्रदेश में किसानों को उर्वरक की कमी का सामना करना पड़ रहा है और कालाबाजारी हो रही है।
SKM ने सरकार से क्या मांगें रखी हैं?
SKM ने एमएस स्वामीनाथन कमेटी फॉर्मूले पर न्यूनतम समर्थन मूल्य कानून, कर्ज माफी, 200 दिन रोजगार गारंटी, और न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग की है।