मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश उत्पाद शुल्क विभाग ने बीच शैक में बार संचालन के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर सृजित करना है।
गाइडलाइंस का विवरण
प्रमुख सचिव (राजस्व-उत्पाद शुल्क) मुकेश कुमार मीना द्वारा जारी जीओ (एमएस नं.362) के अनुसार, बीच शैक को एक छोटी अर्ध-स्थायी संरचना के रूप में परिभाषित किया गया है जो समुद्र तट पर स्थित होगी और जहां भोजन परोसा जाएगा। यह अस्थायी और पर्यावरण-अनुकूल सामग्री (कंक्रीट निर्माण को छोड़कर) से बनाया जाएगा।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
स्टार होटल, पर्यटन रिसॉर्ट और पर्यटन विभाग में पंजीकृत प्रतिष्ठान जिनके पास निजी बीच भूखंड या APTDC या किसी अन्य सक्षम प्राधिकरण से आवंटित भूखंड है, वे लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पायलट प्रोजेक्ट
उत्पाद शुल्क विभाग शुरुआत में सूर्यालंका और विशाखापट्टनम में दो-दो शैक पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगा।
उद्देश्य
इस नीति के मुख्य उद्देश्य हैं: बीच शैक में कम-अल्कोहल पेय सेवा के लिए पारदर्शी नियामक तंत्र स्थापित करना, तटीय क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा देना, और आंध्र प्रदेश को एक जीवंत तटीय पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- बीच शैक बार लाइसेंस के लिए कौन पात्र है? स्टार होटल, टूरिज्म रिसॉर्ट और पर्यटन विभाग में पंजीकृत प्रतिष्ठान जिनके पास निजी बीच भूखंड या APTDC से आवंटित भूखंड है, वे आवेदन कर सकते हैं।
- पायलट प्रोजेक्ट के तहत कितने बीच शैक खोले जाएंगे? सूर्यालंका और विशाखापट्टनम में दो-दो शैक पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
- बीच शैक किस सामग्री से बनाया जाएगा? यह अस्थायी और पर्यावरण-अनुकूल सामग्री से बना होगा, जिसमें कंक्रीट का उपयोग नहीं होगा।
स्रोत: www.thehindu.com