प्रमुख तथ्य
हासन में अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन (AIDSO) के बैनर तले छात्रों ने बुधवार (17 जून) को NEET-UG प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को बर्खास्त करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन का विवरण
प्रदर्शन हासन शहर में महाराजा पार्क के पास हेमावती प्रतिमा के सामने हुआ। छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार की आपराधिक लापरवाही के कारण लाखों छात्रों को परीक्षा दोबारा देनी पड़ी। NTA ने परीक्षा तिथि से पहले ही प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बावजूद परीक्षा आयोजित की।
AIDSO के नेताओं के बयान
AIDSO की हासन जिला इकाई की अध्यक्ष चैत्रा यू.के. ने कहा कि 2022 और 2024 में भी पेपर लीक हुए थे। उन्होंने कहा, “2024 के लीक मामले में गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन सिस्टम समस्या के स्रोत की पहचान करने और इस वर्ष इसे हल करने में विफल रहा।”
AIDSO की जिला सचिव सुषमा डी.एस. ने कोचिंग संस्थानों के बढ़ते चलन और छात्रों के शोषण पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि NEET कोचिंग उद्योग का वार्षिक राजस्व अब 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें परिवार प्रति वर्ष 80,000 से 3 लाख रुपये खर्च करते हैं।
प्रदर्शन में AIDSO के पदाधिकारी अभिषेक, श्रेष्ठा, शिवु, अभिषेक और अन्य उपस्थित थे।
प्रभाव और आगे की राह
इस प्रदर्शन ने NEET-UG परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी को उजागर किया है। छात्र संगठनों ने NTA के खिलाफ कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कहां हुआ?
यह प्रदर्शन हासन में हेमावती प्रतिमा के सामने महाराजा पार्क के पास हुआ।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें क्या थीं?
प्रदर्शनकारियों ने NTA को बर्खास्त करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
AIDSO ने कोचिंग उद्योग पर क्या आरोप लगाए?
AIDSO ने कहा कि NEET कोचिंग उद्योग का वार्षिक राजस्व 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।