मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार (17 जून 2026) को घोषणा की कि समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक राज्य विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। यह सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगा।
विस्तार से जानकारी
मुख्यमंत्री ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “आगामी विधानसभा सत्र में हमारी सरकार कई महत्वपूर्ण और समसामयिक मुद्दे उठाएगी। उनमें से एक समान नागरिक संहिता है, और हम उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “बाबा महाकाल के आशीर्वाद से यह इसी सत्र में पारित हो जाएगा।”
राज्य सरकार द्वारा अप्रैल में गठित छह सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति वर्तमान में राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा करने के बाद एक मसौदा विधेयक पर काम कर रही है। 16 जून को विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर कहा कि मानसून सत्र 20 से 24 जुलाई तक पांच दिनों के लिए बुलाया जाएगा।
इस महीने की शुरुआत में, मुख्यमंत्री ने जनता से हाल ही में लॉन्च किए गए सरकारी पोर्टल पर UCC के संबंध में अपने सुझाव साझा करने का आग्रह किया था, और कहा था कि जल्द ही राज्य में एक कानून लागू किया जाएगा।
समिति का कार्य
सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रसाद देसाई की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय समिति को 60 दिनों के भीतर राज्य सरकार को एक मसौदा विधेयक और उसके निष्कर्षों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का कार्य सौंपा गया है। सरकार ने समिति को उन भाजपा शासित राज्यों द्वारा अपनाए गए मॉडलों का अध्ययन करने के लिए भी कहा है जिन्होंने पहले ही UCC लागू कर दिया है, विशेष रूप से उत्तराखंड और गुजरात। इन दो राज्यों के अलावा, असम विधानसभा ने भी मई 2026 में UCC विधेयक पारित किया।
प्रभाव और आगे की राह
UCC का उद्देश्य विभिन्न धार्मिक समुदायों के लिए व्यक्तिगत कानूनों को एक समान संहिता से बदलना है। मध्य प्रदेश में इस विधेयक के पारित होने से राज्य में नागरिक मामलों में एकरूपता आएगी। हालांकि, इसके विरोध की भी संभावना है। सरकार का कहना है कि वह सभी हितधारकों से विचार-विमर्श करने के बाद ही इसे लागू करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
MP में UCC विधेयक कब पेश होगा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 17 जून 2026 को घोषणा की कि UCC विधेयक मानसून सत्र (20-24 जुलाई) में पेश किया जाएगा।
UCC ड्राफ्ट तैयार करने वाली समिति का नेतृत्व कौन कर रहा है?
समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस रंजना प्रसाद देसाई कर रही हैं।
किन राज्यों ने पहले ही UCC लागू कर दिया है?
उत्तराखंड और गुजरात ने UCC लागू किया है, जबकि असम विधानसभा ने मई 2026 में UCC विधेयक पारित किया।