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Delhi की सार्वजनिक जगहों पर कब्ज़ा: पार्किंग से लेकर बगीचों तक, हर तरफ संघर्ष

मुख्य तथ्य दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण का संकट गहराता जा रहा है। पार्कों को पार्किंग में बदलना, फुटपाथों पर दुकानों का विस्तार, और सड़कों पर अवैध निर्माण आम बात हो गई है। शालीमार…

मुख्य तथ्य

दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण का संकट गहराता जा रहा है। पार्कों को पार्किंग में बदलना, फुटपाथों पर दुकानों का विस्तार, और सड़कों पर अवैध निर्माण आम बात हो गई है। शालीमार बाग के BW ब्लॉक में एक पार्क को पिछले एक महीने से अस्थायी पार्किंग में बदल दिया गया है, जहां बच्चे खेलते थे।

विस्तार से जानकारी

दिल्ली में 33,198 किमी लंबा सड़क नेटवर्क है, 25 मिलियन निवासी, 8.76 मिलियन पंजीकृत वाहन, और 2.5 लाख सड़क विक्रेता हैं। इन सबके कारण जगह की भारी कमी है। सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) के अध्ययन के अनुसार, कॉलोनी की सड़कों पर जाम का मुख्य कारण अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और खराब सड़क प्रबंधन है। साउथ एक्सटेंशन, मालवीय नगर, CR पार्क, भोगल और लाजपत नगर सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्र हैं।

पालम कॉलोनी में 18 मार्च को लगी आग में दमकल की गाड़ियों को सड़क पर खड़ी कारों के कारण पहुंचने में कठिनाई हुई। HT के माप के अनुसार, कई स्थानों पर सड़क की मूल चौड़ाई 4-10 मीटर होने के बावजूद केवल 1.5-3.5 मीटर ही उपयोग योग्य बचा है, जो दमकल वाहनों के लिए आवश्यक 6-7 मीटर से कम है।

प्रभाव

अतिक्रमण के कारण यातायात जाम, आपातकालीन वाहनों की देरी, और पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। MPD-2041 के लिए किए गए अध्ययन में पाया गया कि कई अनधिकृत कॉलोनियों में सड़कों पर दुकानों का विस्तार हो गया है, और मैकेनिक सड़कों पर ही काम करते हैं जिससे नालियों में तेल बहता है।

पाठकों को क्या जानना चाहिए

  • दिल्ली में अतिक्रमण हटाने के लिए DDA के तहत एक विशेष कार्य बल (STF) काम कर रहा है, लेकिन अतिक्रमण बार-बार लौट आते हैं।
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद पार्किंग नीति 2019 से लागू नहीं हो पाई है।
  • स्ट्रीट वेंडर्स को प्रमाण पत्र जारी होने के बाद भी निर्धारित स्थान नहीं मिल पाए हैं।

FAQ

दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण की मुख्य वजह क्या है?

बढ़ती जनसंख्या, वाहनों की संख्या, और प्रभावी प्रवर्तन की कमी के कारण सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण बढ़ रहा है। पार्किंग की कमी और अनौपचारिक व्यवसाय भी इसके प्रमुख कारण हैं।

क्या सरकार अतिक्रमण हटाने के लिए कोई कदम उठा रही है?

हां, DDA की अध्यक्षता में एक विशेष कार्य बल (STF) बनाया गया है जो अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाता है। 2025 में 3,748 किमी सड़क/फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त किया गया, लेकिन समस्या बार-बार उभर आती है।

दिल्ली में पार्किंग की समस्या कितनी गंभीर है?

दिल्ली में 8.76 मिलियन पंजीकृत वाहन हैं जबकि MCD के पास केवल 430 पार्किंग स्थल हैं जिनमें 51,000 वाहनों की क्षमता है। इस कमी के कारण फुटपाथ और हरित पट्टियों पर पार्किंग की जाती है।

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