मुख्य तथ्य
भारत और कनाडा ने मंगलवार को फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान रक्षा और सुरक्षा सहयोग गहरा करने तथा वर्ष के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत पूरी करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने में प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
विस्तार से जानकारी
दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में द्विपक्षीय संबंधों में 'सकारात्मक गति' का स्वागत किया और मार्च में कनाडाई पीएम की भारत यात्रा के बाद से हुई प्रगति पर संतोष जताया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, "एक साल से भी कम समय में यह हमारी चौथी बैठक है, जो मजबूत भारत-कनाडा संबंधों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।"
रक्षा और सुरक्षा सहयोग
रक्षा और सुरक्षा सहयोग को गहरा करने के लिए दोनों प्रधानमंत्रियों ने 'सामान्य सूचना सुरक्षा समझौते' पर बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई, जिससे संवेदनशील जानकारी और खुफिया जानकारी साझा करना संभव होगा। उन्होंने रक्षा संस्थानों के बीच आदान-प्रदान का स्वागत किया, जिसमें भारत के राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के प्रतिनिधियों का कनाडा दौरा शामिल है।
व्यापार समझौते की प्रगति
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, "दोनों पक्षों ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) की ओर बातचीत में प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और 2026 में बातचीत पूरी करने के अपने साझा उद्देश्य की पुष्टि की।"
प्रभाव और महत्व
यह समझौता भारत-कनाडा संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा सितंबर 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों के शामिल होने के आरोप के बाद द्विपक्षीय संबंधों में खटास आ गई थी। भारत ने इसे 'बेतुका' बताया था और दोनों पक्षों ने व्यापार वार्ता रोक दी थी, राजनयिक संबंध कम कर दिए थे और दर्जनों राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था।
दोनों पक्षों ने 2024 के अंत में संबंध सुधारने के प्रयासों के तहत सुरक्षा एजेंसियों के बीच संपर्क फिर से शुरू किया, और 2025 के आम चुनाव में कार्नी की जीत ने इन कदमों को गति दी।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- दोनों देशों ने ऊर्जा सहयोग के तहत LNG, LPG और धातुकर्म कोयले से संबंधित वाणिज्यिक व्यवस्थाओं में प्रगति की समीक्षा की।
- वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की हालिया कनाडा यात्रा का स्वागत किया गया और 2026 में कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री के नेतृत्व में भारत के व्यापार मिशन की प्रतीक्षा है।
- दोनों नेताओं ने भारतीय और कनाडाई अर्थव्यवस्थाओं के बीच पूरकता और वैश्विक ऊर्जा एवं खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में लचीली और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाओं के महत्व पर जोर दिया।
- भारत-कनाडा प्रतिभा और नवाचार रणनीति के तहत कौशल विकास, नवाचार भागीदारी और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत किया जाएगा।
- प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा को हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) का संवाद भागीदार बनाने का समर्थन किया और 'रायसीना अमेरिकास' मंच की स्थापना की घोषणा की।
- मोदी ने 2026 में कनाडा आने के निमंत्रण के लिए कार्नी को धन्यवाद दिया, और दोनों पक्षों ने आपसी सुविधाजनक तिथि पर सहमति जताई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत और कनाडा के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत कब पूरी होने की उम्मीद है?
दोनों देशों ने वर्ष 2026 के अंत तक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत पूरी करने का लक्ष्य रखा है।
इस समझौते से किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा?
समझौते से व्यापार, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी बढ़ेगा।
भारत-कनाडा संबंधों में हाल ही में क्या बदलाव आया है?
पिछले कुछ वर्षों में तनाव के बाद दोनों देशों ने संबंधों को सुधारने की दिशा में कदम उठाए हैं। 2025 के चुनाव में मार्क कार्नी की जीत और सुरक्षा एजेंसियों के बीच संपर्क बहाल होने से प्रक्रिया को गति मिली है।
स्रोत: www.hindustantimes.com