मुख्य तथ्य
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के. संजय मूर्ति ने मंगलवार (16 जून, 2026) को 'राज्य वित्त 2024-25' रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में 15 राज्य राजस्व घाटे में रहे, जबकि 13 राज्यों ने राजस्व अधिशेष दर्ज किया।
राजस्व अधिशेष और घाटे का विवरण
रिपोर्ट में बताया गया कि 18 राज्यों ने राजस्व अधिशेष का लक्ष्य रखा था, लेकिन उनमें से केवल 9 ही इसे हासिल कर पाए। असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मिजोरम और तेलंगाना राजस्व घाटे में रहे। सात राज्यों—गोवा, झारखंड, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश—ने शून्य राजस्व घाटे का लक्ष्य रखा था। इनमें से गोवा, झारखंड, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश ने राजस्व अधिशेष हासिल किया, जबकि पंजाब, राजस्थान और तमिलनाडु घाटे में रहे।
हिमाचल प्रदेश की स्थिति
हिमाचल प्रदेश उन 15 राज्यों में शामिल है जो 2024-25 में राजस्व घाटे में रहे। राज्य को वित्त आयोग से राजस्व घाटा अनुदान प्राप्त हुआ। इसके अलावा, मिजोरम, पंजाब और पश्चिम बंगाल को भी यह अनुदान मिला।
राजकोषीय घाटा और अन्य आंकड़े
रिपोर्ट के अनुसार, यदि 15वें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित राजकोषीय घाटे के संकेतक लक्ष्य (GSDP का 3%) पर विचार किया जाए, तो 18 राज्य इस लक्ष्य से ऊपर थे। राजस्व घाटे वाले 15 राज्यों का कुल राजस्व घाटा (बिना अधिशेष राज्यों के समायोजन के) ₹3,46,385 करोड़ था, जो उनके संयुक्त GSDP का 1.5% है। 13 राजस्व अधिशेष राज्यों के समायोजन के बाद शुद्ध राजस्व घाटा ₹2,19,041 करोड़ रहा, जो सभी 28 राज्यों के संयुक्त GSDP का 0.68% है।
राज्यों के अपने कर राजस्व का महत्व
रिपोर्ट में राज्यों के अपने कर राजस्व के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला गया। 2024-25 में सभी 28 राज्यों की कुल राजस्व प्राप्तियाँ ₹40.52 लाख करोड़ थीं, जिनमें राज्यों के अपने कर राजस्व का हिस्सा 50% रहा। राज्य GST ने राज्यों के कुल कर राजस्व में 43% से अधिक का योगदान दिया।
राजकोषीय घाटे में वृद्धि वाले राज्य
2023-24 की तुलना में 2024-25 में राजकोषीय घाटे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करने वाले राज्यों में आंध्र प्रदेश, असम, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, त्रिपुरा और उत्तराखंड शामिल हैं।
CAG का बयान
CAG के. संजय मूर्ति ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि राज्य वित्त 2024-25 पर यह प्रकाशन सरकारों, शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और नागरिकों के लिए एक उपयोगी साक्ष्य-आधारित संसाधन के रूप में काम करेगा, जिससे राज्य वित्त की गहरी समझ विकसित होगी और सूचित राजकोषीय निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।'
FAQ
2024-25 में कितने राज्य राजस्व घाटे में थे?
CAG रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 में 15 राज्य राजस्व घाटे में थे, जबकि 13 राज्य राजस्व अधिशेष में रहे।
हिमाचल प्रदेश का राजस्व घाटे में क्या योगदान है?
हिमाचल प्रदेश उन 15 राज्यों में शामिल है जो 2024-25 में राजस्व घाटे में रहे। राज्य को वित्त आयोग से राजस्व घाटा अनुदान प्राप्त हुआ।
राज्यों का कुल राजस्व घाटा कितना था?
15 राजस्व घाटे वाले राज्यों का कुल राजस्व घाटा ₹3,46,385 करोड़ था, जो उनके संयुक्त GSDP का 1.5% है।
राज्यों के अपने कर राजस्व में कितनी हिस्सेदारी है?
2024-25 में सभी 28 राज्यों के कुल राजस्व प्राप्तियों में राज्यों के अपने कर राजस्व का हिस्सा 50% था, जिसमें राज्य GST का योगदान 43% से अधिक रहा।