प्रमुख तथ्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भाग लिया। उन्होंने 'नई साझेदारी बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता के पुनर्निर्माण' विषय पर अपने विचार रखे। इस सत्र में G7 देशों के अलावा ब्राजील, मिस्र, केन्या, दक्षिण कोरिया और भारत जैसे साझेदार देशों के नेता शामिल हुए। विश्व बैंक और अफ्रीकी विकास बैंक के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
विश्वास की कमी पर चिंता
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश को साझा करते हुए कहा, "आपसी विश्वास आज सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति है। लेकिन दुख की बात है कि आज दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि विश्वास की कमी से जूझ रही है।" उन्होंने कहा कि भविष्य की साझेदारी विश्वास के पुनर्निर्माण पर आधारित है और देशों को दाता-प्राप्तकर्ता के दायरे से बाहर निकलकर समान रूप से काम करना चाहिए।
ग्लोबल साउथ की साझेदारी
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ग्लोबल साउथ को दुनिया से बहुत उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा, "ग्लोबल साउथ को समर्थन से अधिक साझेदारी की जरूरत है।" उन्होंने अफ्रीका में भारत के प्रयासों का उल्लेख किया, जिसमें प्रशिक्षण, जल, कृषि, ऊर्जा और क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया गया।
भारत का रुख
भारत ने विकास वित्त पुनर्गठन पर G7 के सम्मुनिके पर हस्ताक्षर नहीं किए, जिसे G7, केन्या और दक्षिण कोरिया ने समर्थन दिया था। हालांकि, भारत ने बुंडिबुग्यो इबोला प्रकोप के लिए समन्वित प्रतिक्रिया और कैंसर से लड़ने के लिए एक रोडमैप का समर्थन किया।
भारत-अमेरिका संबंध
शिखर सम्मेलन से पहले पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाथ मिलाया और बाद में द्विपक्षीय वार्ता की। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच संबंधों में तनाव है। भारत-अमेरिका संबंध कई मुद्दों से प्रभावित हुए हैं, जिनमें ओमान के तट पर एक तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत, मई 2025 में भारत-पाकिस्तान संघर्ष में ट्रंप द्वारा युद्धविराम का दावा, व्यापार समझौते की लंबी बातचीत, कुशल पेशेवरों के लिए वीजा प्रतिबंध और अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नस्लवाद शामिल हैं।
द्विपक्षीय बैठकें
पीएम मोदी मंगलवार शाम कनाडा, ब्रिटेन और यूएई के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
G7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने क्या संदेश दिया?
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में संसाधनों की नहीं, बल्कि विश्वास की कमी है और ग्लोबल साउथ को समर्थन से अधिक साझेदारी की जरूरत है।
भारत ने G7 के किस सम्मुनिके पर हस्ताक्षर नहीं किए?
भारत ने विकास वित्त पुनर्गठन पर सम्मुनिके पर हस्ताक्षर नहीं किए, लेकिन इबोला और कैंसर से निपटने के प्रस्तावों का समर्थन किया।
पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच क्या बातचीत हुई?
दोनों नेताओं ने शिखर सम्मेलन से पहले हाथ मिलाया और बाद में द्विपक्षीय वार्ता की। भारत-अमेरिका संबंधों में कई मुद्दों पर तनाव है।
स्रोत: www.thehindu.com