मुख्य तथ्य
तमिलनाडु सरकार द्वारा जारी व्हाइट पेपर में राज्य के वित्तीय हालात का खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य का कुल बकाया कर्ज 13.18 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) का कर्ज भी शामिल है। वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने मंगलवार (16 जून, 2026) को यह व्हाइट पेपर जारी किया।
विस्तृत जानकारी
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025-26 में 10 लाख करोड़ रुपये का हेडलाइन कर्ज आंकड़ा केवल राज्य के प्रत्यक्ष उधार को दर्शाता है, जबकि PSU, सांविधिक बोर्ड और विशेष प्रयोजन वाहनों का कर्ज इसमें शामिल नहीं है। बिजली क्षेत्र PSU में सबसे बड़ा कर्जदार है, जिसका कर्ज 2.47 लाख करोड़ रुपये है। तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन (TNPDCL) पर 1.07 लाख करोड़ रुपये, तमिलनाडु पावर जनरेशन कॉरपोरेशन (TNPGCL) पर 1.03 लाख करोड़ रुपये, तमिलनाडु ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन (TANTRANSCO) पर 30,965 करोड़ रुपये और तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉरपोरेशन पर 5,672 करोड़ रुपये का कर्ज है।
आठ सरकारी परिवहन उपक्रमों का कर्ज 43,865 करोड़ रुपये और तमिलनाडु सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन का कर्ज 27,181 करोड़ रुपये है। कुल मिलाकर PSU का बकाया कर्ज 3.18 लाख करोड़ रुपये है।
प्रभाव और तुलना
रिपोर्ट में तमिलनाडु की तुलना कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों से की गई है। इसमें कहा गया है कि 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2026 के बीच राज्य का कर्ज लगभग दोगुना होकर 5.13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 10 लाख करोड़ रुपये हो गया। कर्ज-जीएसडीपी अनुपात 28.3% पर बना हुआ है, जो कोविड के बाद के दौर में अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है।
ब्याज भुगतान कुल राजस्व प्राप्तियों का लगभग 23% और राज्य के स्वयं के कर राजस्व (SOTR) का लगभग 35% खा जाता है। 2025-26 में ब्याज बिल 67,050 करोड़ रुपये है, जो वार्षिक पूंजीगत व्यय से लगभग एक तिहाई अधिक है।
राजस्व घाटा संरचनात्मक हो गया है। 2025-26 में राजस्व घाटा 78,324 करोड़ रुपये (जीएसडीपी का 2.2%) होने का अनुमान है, जो कोविड वर्ष के स्तर से भी अधिक है। राज्य वर्तमान उपभोग के लिए उधार ले रहा है, न कि निवेश के लिए।
SOTR-जीएसडीपी अनुपात 2021-22 के 5.93% से घटकर 2025-26 में 5.45% हो गया है, जो पिछले दो दशकों में सबसे कम है। वेतन, पेंशन और ब्याज सहित प्रतिबद्ध व्यय 1.25 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.89 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो राजस्व प्राप्तियों का 64% है, जबकि अन्य राज्यों में यह 50% से कम है। पूंजीगत व्यय-कुल व्यय अनुपात 11.8% है, जो अन्य राज्यों में सबसे कम है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
व्हाइट पेपर में बढ़ती बुजुर्ग आबादी (2031 तक 18.2%) और घटती कार्यशील आयु जनसंख्या पर भी चिंता जताई गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार वाणिज्यिक कर, स्टांप और पंजीकरण, आबकारी और खनन में रिसाव को रोककर इस वित्तीय वर्ष में लगभग 20,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुटा सकती है। PSU में सुधार के लिए संरचनात्मक सुधार किए जाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- तमिलनाडु का कुल कर्ज कितना है? व्हाइट पेपर के अनुसार, PSU के कर्ज सहित कुल कर्ज 13.18 लाख करोड़ रुपये है।
- सबसे ज्यादा कर्ज किस क्षेत्र में है? बिजली क्षेत्र में सबसे अधिक कर्ज है, जो 2.47 लाख करोड़ रुपये है।
- राजस्व घाटा कितना है? 2025-26 में राजस्व घाटा 78,324 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो GSDP का 2.2% है।
स्रोत: www.thehindu.com