मुख्य तथ्य
कर्नाटक राज्य रैता संघ के मानद अध्यक्ष चमारस मालीपाटिल के नेतृत्व में किसानों ने मंगलवार को रायचूर में उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिकारियों को मुख्य द्वार बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा। किसानों ने राज्य सरकार द्वारा स्थापित केंद्रों पर जोवर खरीद के बकाया भुगतान तत्काल जारी करने की मांग की।
विस्तार से
किसानों ने तीन महीने पहले खरीद केंद्रों पर जोवर बेचा था, लेकिन भुगतान अब तक नहीं मिला है। मालीपाटिल ने कहा कि इससे किसानों को खरीफ सीजन के लिए बीज और उर्वरक खरीदने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने जिले में उर्वरक की कमी पर चिंता जताई और सरकार से पर्याप्त उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
किसानों ने उर्वरक विक्रेताओं द्वारा उर्वरक खरीदने पर अन्य उत्पादों को जोड़ने का कड़ा विरोध किया और सरकार से ऐसी प्रथाओं पर रोक लगाने का आग्रह किया।
प्रभाव और मांगें
प्रदर्शनकारियों ने तुंगभद्रा बाएं शाखा नहरों की उप-नहरों में गाद निकासी और मानवी, सिरवार, रायचूर और सिंधनूर तालुकों में वाराबंदी आधार पर जल आपूर्ति की मांग की। बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
किसानों को क्या जानना चाहिए
- जोवर खरीद का बकाया भुगतान जल्द जारी होने की उम्मीद है।
- उर्वरक आपूर्ति की समस्या के समाधान के लिए सरकार से संपर्क किया गया है।
- नहरों के गाद निकासी और जल आपूर्ति की मांग पर विचार किया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किसानों ने प्रदर्शन क्यों किया?
किसानों ने जोवर खरीद के बकाया भुगतान और उर्वरक आपूर्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
प्रदर्शन का नेतृत्व कर्नाटक राज्य रैता संघ के मानद अध्यक्ष चमारस मालीपाटिल ने किया।
किसानों ने किन मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा?
किसानों ने जोवर भुगतान, उर्वरक आपूर्ति, और तुंगभद्रा नहर की उप-नहरों के गाद निकासी और वाराबंदी जल आपूर्ति की मांग की।
स्रोत: www.thehindu.com