मुख्य तथ्य
केंद्र सरकार ने मंगलवार (16 जून 2026) को एक अधिसूचना जारी कर सभी सिरप (जिसमें कफ सिरप भी शामिल है) की ओवर-द-काउंटर बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब इन्हें खरीदने के लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य होगा। यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।
नियम में बदलाव
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन करते हुए 'सिरप' शब्द को उन वस्तुओं की सूची से हटा दिया है जो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के प्रावधानों से छूट प्राप्त थीं। पहले के नियमों में 'कफ के लिए सिरप, लोजेंज, गोलियां और टैबलेट' को छूट दी गई थी। अब केवल लोजेंज और कफ की गोलियां ही बिना प्रिस्क्रिप्शन के उपलब्ध रहेंगी।
पृष्ठभूमि
यह संशोधन दिसंबर 2025 में जारी एक मसौदा अधिसूचना के बाद किया गया है, जिस पर सरकार ने हितधारकों और जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए थे। अधिसूचना के अनुसार, अंतिम अधिसूचना जारी करने से पहले सभी प्राप्त टिप्पणियों पर विचार किया गया।
प्रभाव
इस निर्णय का उद्देश्य सिरप के दुरुपयोग को रोकना और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कफ सिरप जैसी दवाओं के अनियंत्रित उपयोग पर लगाम लगेगी।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- अब सिरप खरीदने के लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन ले जाना अनिवार्य है।
- लोजेंज और कफ की गोलियां बिना प्रिस्क्रिप्शन के मिलती रहेंगी।
- यह नियम पूरे देश में लागू है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
क्या अब बिना प्रिस्क्रिप्शन के सिरप नहीं खरीदा जा सकता?
हां, सरकार के नए नियम के अनुसार सभी प्रकार के सिरप (जिसमें कफ सिरप भी शामिल है) खरीदने के लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य होगा।
क्या लोजेंज और गोलियां भी प्रिस्क्रिप्शन के दायरे में आएंगी?
नहीं, लोजेंज और कफ की गोलियां अभी भी बिना प्रिस्क्रिप्शन के उपलब्ध रहेंगी। केवल सिरप पर यह प्रतिबंध लागू है।
यह नियम कब से लागू होगा?
यह नियम 16 जून 2026 से तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।
इस नियम का उद्देश्य क्या है?
इस नियम का उद्देश्य सिरप के अनियंत्रित उपयोग को रोकना और दुरुपयोग को कम करना है, ताकि स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से बचा जा सके।