कांग्रेस का बड़ा आरोप
कांग्रेस ने सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 सांसदों के विलय की साजिश रचने का आरोप लगाया। कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने कहा कि यह विलय अवैध है और इसे नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ कराया गया, जो त्रिपुरा में पंजीकृत एक अल्पज्ञात राजनीतिक दल है।
जयराम रमेश का बयान
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “एक हताश गृह मंत्री, जो सरदार पटेल के पद पर कलंक है, ने भारतीय लोकतंत्र को नई गिरावट पर पहुंचा दिया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह ने 20 TMC सांसदों के अवैध विलय की योजना बनाई ताकि लोकसभा में NDA को दो-तिहाई बहुमत मिल सके।
विलय की प्रक्रिया
रविवार को 20 TMC सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और NCPI में विलय की घोषणा की। NCPI त्रिपुरा में पंजीकृत एक अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दल है, जो केवल तीन साल पुराना है। जयराम रमेश ने कहा कि इस विलय से तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और जनता दल (यूनाइटेड) को अपनी स्थिति में गिरावट का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि अब NCPI सबसे बड़ा NDA सहयोगी बन जाएगा।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
कांग्रेस ने इस कदम को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है। जयराम रमेश ने कहा, “शिष्टाचार, गरिमा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति समर्पण हर दिन खतरे में है जब तक अमित शाह पद पर हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि यह विलय अमित शाह की लोकसभा में NDA को दो-तिहाई बहुमत दिलाने की रणनीति का हिस्सा है।
FAQ
कितने TMC सांसदों ने NCPI में विलय किया?
20 TMC सांसदों ने NCPI में विलय किया है।
NCPI क्या है?
NCPI (नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया) त्रिपुरा में पंजीकृत एक अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दल है।
जयराम रमेश ने अमित शाह पर क्या आरोप लगाया?
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने TMC सांसदों के विलय की साजिश रची ताकि लोकसभा में NDA को दो-तिहाई बहुमत मिल सके।