Desh Duniya | Karnataka

Rss प्रमुख मोहन भागवत ने पारदर्शिता की मांग को खारिज किया, इसे राजनीति से प्रेरित बताया

मुख्य तथ्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे द्वारा संगठन से अधिक पारदर्शिता की मांग को खारिज कर दिया है। भागवत ने इस मांग को ‘राजनीति…

मुख्य तथ्य

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे द्वारा संगठन से अधिक पारदर्शिता की मांग को खारिज कर दिया है। भागवत ने इस मांग को 'राजनीति से प्रेरित' बताया और कहा कि यह जवाबदेही की वास्तविक चिंता से नहीं उपजा है।

विवाद की पृष्ठभूमि

विवाद तब शुरू हुआ जब प्रियांक खड़गे ने RSS के पंजीकरण की स्थिति, फंडिंग स्रोतों, आय, व्यय और संपत्ति के बारे में जानकारी मांगी। कांग्रेस नेता ने तर्क दिया कि देशव्यापी उपस्थिति और हजारों दैनिक शाखाओं वाले संगठन को सार्वजनिक जांच के दायरे में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि RSS को एनजीओ, कंपनियों और धार्मिक संस्थानों पर लागू खुलासा मानदंडों का पालन करना चाहिए।

भागवत का जवाब

केरल के त्रिशूर में RSS के शताब्दी आउटरीच कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए भागवत ने कहा, 'मुझे जवाब देने की आवश्यकता नहीं है। देश में बहुत सी अपंजीकृत चीजें काम कर रही हैं। हम गुप्त नहीं हैं; हम खुले तौर पर काम करते हैं और लोग जानते हैं कि हम क्या करते हैं। हम ऐसे आरोपों के आदी हैं। जिन्हें सरकारी फंड चाहिए, उन्हें पंजीकरण की आवश्यकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू धर्म भी पंजीकृत इकाई नहीं है।

RSS का रुख

भागवत ने RSS की स्थिति का बचाव करते हुए कहा कि संगठन सरकारी फंड नहीं लेता, इसलिए उसे पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संघ की गतिविधियां शाखाओं और सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से सार्वजनिक रूप से संचालित होती हैं।

कानूनी मान्यता

RSS प्रमुख ने यह भी बताया कि अतीत में सरकार द्वारा संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन बाद में प्रतिबंध हटा दिए गए, जिससे पता चलता है कि अधिकारी इसके अस्तित्व और गतिविधियों से पूरी तरह अवगत हैं। उन्होंने कहा कि अदालतों और कर अधिकारियों ने RSS को 'व्यक्तियों का समूह' माना है और उसे आयकर छूट प्रदान की है।

FAQ

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने पारदर्शिता की मांग पर क्या प्रतिक्रिया दी?

उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि संगठन को पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह सरकारी फंड नहीं लेता है।

प्रियांक खड़गे ने RSS से क्या मांग की थी?

उन्होंने RSS के पंजीकरण, फंडिंग स्रोतों, आय-व्यय और संपत्ति के बारे में जानकारी मांगी थी।

मोहन भागवत ने RSS की गतिविधियों को कैसे सही ठहराया?

उन्होंने कहा कि RSS खुले तौर पर शाखाओं और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से काम करता है और उसे कर छूट प्राप्त है।

स्रोत: www.thehindu.com

Follow us on Google News

Explore more

‘Spider-Man: Brand New Day’ BEATS ‘Avengers: Endgame’ at North American box office; eyes ‘ — Himachal briefing

‘Spider-Man: Brand New Day’ BEATS ‘Avengers: Endgame’ at North American box office; eyes ‘ — Himachal briefing HimachalGovt.com has prepared an original…

More on Desh Duniya from Himachal Pradesh

‘Batwara 1947’ box office collection day 11: The Sunny Deol starrer nears end of its box o — Himachal briefing

‘Batwara 1947’ box office collection day 11: The Sunny Deol starrer nears end of its box o — Himachal briefing HimachalGovt.com has…

From Gen Z wave to heat in 150 days: Nepal PM Balen faces street anger, parliament pressur — Himachal briefing

From Gen Z wave to heat in 150 days: Nepal PM Balen faces street anger, parliament pressur — Himachal briefing HimachalGovt.com has…

22 million hectares of degraded land restored during 2011 and 2020 — Himachal briefing

22 million hectares of degraded land restored during 2011 and 2020 — Himachal briefing HimachalGovt.com has prepared an original public briefing so…