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केरल में शिगेलोसिस का प्रकोप: मलप्पुरम में 7 वर्षीय बच्चे की मौत, 135 मामले दर्ज

मुख्य तथ्य केरल के मलप्पुरम जिले में शिगेलोसिस के प्रकोप ने एक 7 वर्षीय बच्चे की जान ले ली। यह घटना कोडुर क्षेत्र में हुई, जहां बच्चा एयूपी स्कूल, मलप्पुरम में दूसरी कक्षा का छात्र…

मुख्य तथ्य

केरल के मलप्पुरम जिले में शिगेलोसिस के प्रकोप ने एक 7 वर्षीय बच्चे की जान ले ली। यह घटना कोडुर क्षेत्र में हुई, जहां बच्चा एयूपी स्कूल, मलप्पुरम में दूसरी कक्षा का छात्र था। उसे कई दिनों से बुखार और दस्त की शिकायत थी और शुक्रवार को हालत बिगड़ने पर कोझिकोड के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार को उसकी मृत्यु हो गई।

विस्तृत जानकारी

यह मौत इस वर्ष केरल में शिगेलोसिस से होने वाली चौथी मौत है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, राज्य में अब तक 135 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग आधे कोझिकोड जिले से हैं। मानसून के मौसम में जलजनित और खाद्यजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए, मलप्पुरम और कोझिकोड में स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और रोकथाम के उपाय तेज कर दिए हैं। अधिकारियों ने लोगों से दूषित भोजन और पानी से बचने और सख्त स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है।

प्रभाव और प्रतिक्रिया

मलप्पुरम जिला प्रशासन ने 17 से 30 जून तक संचारी रोगों के खिलाफ दो सप्ताह का अभियान शुरू किया है। इस अभियान में स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और स्थानीय स्वशासन विभागों का समन्वित प्रयास होगा। जिला कलेक्टर विनय गोयल ने सोमवार को अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें अभियान को अंतिम रूप दिया गया। इस पहल के तहत होटलों, सड़क किनारे खाने की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाएगा। श्री गोयल ने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानदंडों के बार-बार उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के तहत स्कूलों में पीने के पानी की जांच और शैक्षणिक संस्थानों, घरों और सार्वजनिक स्थानों पर जल स्रोतों के नियमित क्लोरीनीकरण पर भी ध्यान दिया जाएगा। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराएं। खाद्य सुरक्षा विभाग के नेतृत्व में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जनता को स्वच्छता, सफाई और खाद्य सुरक्षा के बारे में शिक्षित किया जाएगा, ताकि मानसून के दौरान संभावित घातक संचारी रोगों के प्रकोप को रोका जा सके।

कन्नूर में भी मामले

कन्नूर जिले के मोकेरी पंचायत में शिगेलोसिस के दो मामले सामने आए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और रोकथाम के उपाय लागू कर दिए हैं। यह बीमारी 4 और 8 वर्ष के दो लड़कों में पुष्टि हुई है। रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) की बैठक बुलाई गई, जिसमें स्थिति का आकलन और नियंत्रण गतिविधियों का समन्वय किया गया। जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.सी. सचिन ने लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया।

पाठकों के लिए सुझाव

  • हमेशा उबला या शुद्ध पानी पिएं।
  • खाने से पहले और शौच के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।
  • बाहर का खाना खाने से बचें, विशेषकर सड़क किनारे की दुकानों से।
  • बुखार या दस्त होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिगेलोसिस क्या है?

शिगेलोसिस एक जीवाणु संक्रमण है जो शिगेला बैक्टीरिया के कारण होता है। इसके लक्षणों में बुखार, दस्त और पेट में ऐंठन शामिल हैं। यह दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलता है।

केरल में शिगेलोसिस के कितने मामले हैं?

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, राज्य में अब तक 135 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से लगभग आधे कोझिकोड से हैं।

शिगेलोसिस से बचाव के उपाय क्या हैं?

स्वच्छ पानी पीना, हाथों की अच्छी तरह सफाई करना, दूषित भोजन से बचना और खाद्य पदार्थों को ढककर रखना शामिल है।

स्रोत: www.thehindu.com

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