प्रमुख तथ्य
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की विद्रोही सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने अपनी ही पार्टी के मुख्य सचेतक कल्याण बनर्जी के खिलाफ लोकसभा से निष्कासन की मांग की है। दस्तीदार, जो पश्चिम बंगाल के बारासत संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं, ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को 10 जून 2026 को एक पत्र लिखकर यह मांग रखी।
विस्तार से
अपने पत्र में दस्तीदार ने कहा कि यह शिकायत 28 मई 2026 को दी गई पिछली शिकायत का अनुवर्ती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बनर्जी ने कई अवसरों पर संसदीय कार्यवाही के दौरान उनके और अन्य महिला सदस्यों के खिलाफ 'आपत्तिजनक, अपमानजनक और अनुचित भाषा' का प्रयोग किया। दस्तीदार ने इसे 'व्यक्तिगत हमलों, धमकी और मिसोगाइनिस्टिक टिप्पणियों' का एक आवर्ती पैटर्न बताया, जो स्वस्थ राजनीतिक असहमति की सीमा से परे है और व्यक्तिगत दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के दायरे में आता है।
नियमों का उल्लेख
पत्र में लोकसभा के आचरण नियमों के नियम 349 और 352 का हवाला दिया गया, जिसके अनुसार प्रत्येक सदस्य को सदन की गरिमा के अनुरूप आचरण करना आवश्यक है। दस्तीदार ने कहा कि बनर्जी के आचरण से न केवल व्यक्तिगत पीड़ा हुई है, बल्कि ऐसा माहौल बना है जो संसदीय कार्यवाही में महिलाओं की स्वतंत्र भागीदारी को हतोत्साहित करता है।
मांग
दस्तीदार ने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वे इस कदाचार का संज्ञान लें, उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करें और कल्याण बनर्जी को लोकसभा से तत्काल निष्कासित करने पर विचार करें।
पृष्ठभूमि
कल्याण बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। दस्तीदार पार्टी के भीतर विद्रोही तेवरों के लिए जानी जाती हैं। यह मामला संसद में महिला सांसदों के साथ व्यवहार और राजनीतिक असहमति की सीमाओं पर गंभीर सवाल उठाता है।
FAQ
काकोली घोष दस्तीदार ने कल्याण बनर्जी पर क्या आरोप लगाए हैं?
उन्होंने आरोप लगाया है कि कल्याण बनर्जी ने संसद में महिला सदस्यों के प्रति बार-बार अभद्र भाषा का प्रयोग किया और मिसोगाइनिस्टिक टिप्पणियां कीं।
इस मामले में क्या कार्रवाई की मांग की गई है?
दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष से बनर्जी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और तत्काल निष्कासन की मांग की है।
कल्याण बनर्जी कौन हैं?
कल्याण बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक और ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी हैं।