Desh Duniya | UMEED अधिनियम

केरल वक्फ बोर्ड ने मुनंबम संपत्तियों का डेटा अपलोड करने का बचाव किया

प्रमुख तथ्य केरल राज्य वक्फ बोर्ड ने मुनंबम क्षेत्र की संपत्तियों का डेटा केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड करने का बचाव किया है। बोर्ड का कहना है कि यह कानूनी रूप से बाध्य…

प्रमुख तथ्य

केरल राज्य वक्फ बोर्ड ने मुनंबम क्षेत्र की संपत्तियों का डेटा केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड करने का बचाव किया है। बोर्ड का कहना है कि यह कानूनी रूप से बाध्य है क्योंकि यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट (UMEED) अधिनियम के तहत सभी पंजीकृत वक्फ संपत्तियों का विवरण पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है।

विवरण

बोर्ड ने मंत्रालय को दिए अपने प्रारंभिक जवाब में कहा कि कई मुतवल्ली (वक्फ संपत्ति के प्रबंधक) UMEED अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने में विफल रहे, जिसके तहत निर्धारित समय में पोर्टल पर विवरण दर्ज करना आवश्यक था। बोर्ड ने राज्य भर में 400 ऐसी पंजीकृत वक्फ संपत्तियों का विवरण अपलोड किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पहले से पंजीकृत वक्फ संपत्तियों की जानकारी अपलोड की गई, कोई नया पंजीकरण नहीं किया गया।

प्रभाव और विवाद

इस डेटा अपलोड ने राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने आरोप लगाया कि पिछली LDF सरकार के कार्यकाल के अंत में पुनर्गठित बोर्ड ने जानबूझकर उनकी सरकार के लिए मामला जटिल बनाने के लिए डेटा अपलोड किया। सतीशन ने पहले विपक्ष के नेता के रूप में कहा था कि वह सत्ता में आने पर 10 मिनट में मुनंबम विवाद हल कर सकते हैं।

कैथोलिक चर्च ने इस अपलोड का कड़ा विरोध किया, जबकि बोर्ड अध्यक्ष के.एस. हम्सा ने इसे उचित ठहराया। स्थानीय निवासियों के एक वर्ग ने आशंका जताई कि इससे उनके हित प्रभावित हो सकते हैं और उन्होंने बोर्ड को भंग करने की मांग की। भाजपा राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मंत्रालय को पत्र लिखकर डेटा हटाने का अनुरोध किया।

फारूक कॉलेज का रुख

मुनंबम संपत्ति के मुतवल्ली फारूक कॉलेज की प्रबंधन समिति ने डेटा अपलोड करने से इनकार कर दिया, क्योंकि उनका मानना है कि यह संपत्ति वक्फ नहीं है। हालांकि, उन्होंने अपने नियंत्रण वाली अन्य वक्फ संपत्तियों की जानकारी साझा करने का दावा किया।

बोर्ड का स्पष्टीकरण

बोर्ड ने दोहराया कि अपलोड करना “नए पंजीकरण या किसी नए अधिकारों के सृजन की प्रक्रिया नहीं थी,” बल्कि “UMEED अधिनियम के तहत वैधानिक आवश्यकताओं के अनुपालन में बोर्ड के रिकॉर्ड में उपलब्ध पहले से पंजीकृत वक्फ संपत्तियों के विवरण दर्ज करने का अभ्यास था।”

FAQ

केरल वक्फ बोर्ड ने मुनंबम संपत्तियों का डेटा क्यों अपलोड किया?

बोर्ड ने UMEED अधिनियम के तहत पंजीकृत वक्फ संपत्तियों का विवरण पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य बताया, जो मुतवल्लियों द्वारा अपलोड नहीं किया गया था।

क्या यह अपलोड नए अधिकारों का सृजन है?

बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह नए पंजीकरण या अधिकारों का सृजन नहीं, बल्कि पहले से पंजीकृत संपत्तियों के विवरण को पोर्टल पर दर्ज करने का अभ्यास है।

मुनंबम विवाद में कौन-कौन से पक्ष शामिल हैं?

इसमें कैथोलिक चर्च, स्थानीय निवासी, फारूक कॉलेज प्रबंधन समिति, भाजपा और कांग्रेस नेता शामिल हैं।

स्रोत: www.thehindu.com

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