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गुवाहाटी के 8 वर्षीय बच्चे की इन्फ्लूएंजा b से जान बचाने वाली ecmo यात्रा

प्रमुख तथ्य गुवाहाटी के एक 8 वर्षीय बच्चे को इन्फ्लूएंजा B संक्रमण के बाद गंभीर निमोनिया हो गया था। उसे ECMO (एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन) सपोर्ट पर हैदराबाद ले जाया गया, जहां 36 दिनों की गहन…

प्रमुख तथ्य

गुवाहाटी के एक 8 वर्षीय बच्चे को इन्फ्लूएंजा B संक्रमण के बाद गंभीर निमोनिया हो गया था। उसे ECMO (एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन) सपोर्ट पर हैदराबाद ले जाया गया, जहां 36 दिनों की गहन चिकित्सा के बाद वह पूरी तरह ठीक हो गया।

क्या हुआ था?

बच्चे को गुवाहाटी के एक अस्पताल में इन्फ्लूएंजा B के कारण गंभीर निमोनिया के साथ भर्ती कराया गया था। लगभग एक सप्ताह तक वेंटिलेटर पर रहने के बावजूद उसकी हालत बिगड़ती गई और ऑक्सीजन का स्तर खतरनाक रूप से कम रहा। जब पारंपरिक उपचार विफल रहा, तो अस्पताल ने अपनी विशेष ECMO रिट्रीवल टीम को सक्रिय किया।

ECMO रिट्रीवल मिशन

ECMO विशेषज्ञ डॉ. कपिल बी. सचाने के नेतृत्व में टीम ने बच्चे को ECMO सपोर्ट पर एयरलिफ्ट कर हैदराबाद के रेनबो चिल्ड्रन हॉस्पिटल पहुंचाया। यह एक क्रॉस-कंट्री रेस्क्यू मिशन था जिसमें पूरी उड़ान के दौरान ECMO मशीन चालू रखी गई।

इलाज और रिकवरी

बच्चा 36 दिनों तक ECMO सपोर्ट पर रहा और उसे बहु-विषयक टीम से चौबीसों घंटे देखभाल मिली। इलाज के दौरान उसे एक मुश्किल संक्रमण भी हुआ, जिसने रिकवरी को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। हालांकि, धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार हुआ और वह ECMO से सफलतापूर्वक अलग हो गया। अब वह चिकित्सकीय रूप से स्थिर है और घर लौटने के लिए तैयार है।

विशेषज्ञ की राय

डॉ. कपिल बी. सचाने ने कहा कि बच्चा पांच सप्ताह से अधिक समय तक ECMO पर रहा और उसे निरंतर निगरानी की आवश्यकता थी। उन्होंने बताया कि इस तरह के गंभीर मामलों में समय पर ECMO सपोर्ट और विशेषज्ञ देखभाल जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

  • ECMO क्या है? यह एक जीवन-रक्षक तकनीक है जो फेफड़ों और हृदय को आराम देते हुए शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाती है।
  • इन्फ्लूएंजा B से सावधानी: बच्चों में फ्लू के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें, खासकर अगर सांस लेने में तकलीफ हो।
  • ECMO रिट्रीवल टीम: कुछ विशेष अस्पतालों में ऐसी टीमें होती हैं जो मरीज को ECMO सपोर्ट पर एक स्थान से दूसरे स्थान ले जा सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

ECMO क्या है और इसका उपयोग कब किया जाता है?

ECMO (एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन) एक जीवन-रक्षक तकनीक है जो फेफड़ों और हृदय को आराम देते हुए शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाती है। इसका उपयोग तब किया जाता है जब पारंपरिक वेंटिलेटर सपोर्ट के बावजूद मरीज की ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम हो।

इन्फ्लूएंजा B से बच्चों में गंभीर निमोनिया कितना आम है?

इन्फ्लूएंजा B आमतौर पर हल्के लक्षण पैदा करता है, लेकिन कुछ मामलों में, विशेषकर छोटे बच्चों या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वालों में, यह गंभीर निमोनिया का कारण बन सकता है जिसके लिए ECMO जैसी उन्नत जीवन रक्षक प्रणाली की आवश्यकता होती है।

इस मामले में ECMO रिट्रीवल टीम ने कैसे काम किया?

विशेषज्ञ डॉ. कपिल बी. सचाने के नेतृत्व में ECMO रिट्रीवल टीम ने बच्चे को गुवाहाटी से हैदराबाद एयरलिफ्ट किया। पूरी उड़ान के दौरान ECMO सपोर्ट जारी रखा गया और हैदराबाद पहुंचने पर रेनबो चिल्ड्रन हॉस्पिटल में 36 दिनों तक निरंतर देखभाल दी गई।

स्रोत: www.thehindu.com

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