मुख्य तथ्य
केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सोमवार (15 जून) को केरल के सबरीमाला मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह उनकी केंद्रीय मंत्री बनने के बाद पहली सबरीमाला यात्रा थी। वे जनता दल (सेक्युलर) के कई नेताओं के साथ गए थे।
यात्रा का विवरण
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कुमारस्वामी लंबे समय से सबरीमाला जाने की इच्छा रखते थे और यह यात्रा अचानक तय की गई। उन्होंने कोच्चि के श्री सुब्रह्मण्य स्वामी मंदिर में पवित्र माला पहनी और फिर सबरीमाला के लिए रवाना हुए। सूत्रों ने बताया, “श्री कुमारस्वामी पहले भी कई बार सबरीमाला जा चुके हैं। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है।”
साथ में शामिल नेता
इस यात्रा में उनके साथ जेडी(एस) विधायक दल के नेता सी.बी. सुरेश बाबू, विधायक शरणगौड़ा कंडकूर, विधान पार्षद एस.एल. भोजे गौड़ा, पूर्व विधायक सा.रा. महेश, सी.एस. पुट्टराजू, आर मंजूनाथ और एच.एम. रमेश गौड़ा सहित अन्य नेता शामिल थे।
प्रभाव और महत्व
केंद्रीय मंत्री का सबरीमाला दर्शन धार्मिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह यात्रा कर्नाटक और केरल के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी दर्शाती है। कुमारस्वामी के इस कदम को उनके समर्थकों ने सराहा है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- एच.डी. कुमारस्वामी भारी उद्योग मंत्री हैं और जेडी(एस) के वरिष्ठ नेता हैं।
- सबरीमाला मंदिर भगवान अयप्पा को समर्पित है और केरल के पथानामथिट्टा जिले में स्थित है।
- यह यात्रा 15 जून 2026 को हुई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एच.डी. कुमारस्वामी ने सबरीमाला की यात्रा कब की?
उन्होंने 15 जून 2026 को सबरीमाला की यात्रा की।
क्या यह उनकी पहली सबरीमाला यात्रा थी?
नहीं, वे पहले भी कई बार सबरीमाला जा चुके हैं, लेकिन केंद्रीय मंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली यात्रा थी।
इस यात्रा में उनके साथ कौन-कौन था?
उनके साथ जेडी(एस) विधायक दल के नेता सी.बी. सुरेश बाबू, शरणगौड़ा कंडकूर, एस.एल. भोजे गौड़ा, पूर्व विधायक सा.रा. महेश, सी.एस. पुट्टराजू, आर मंजूनाथ और एच.एम. रमेश गौड़ा सहित अन्य नेता शामिल थे।
कुमारस्वामी ने सबरीमाला जाने से पहले क्या किया?
उन्होंने कोच्चि के श्री सुब्रह्मण्य स्वामी मंदिर में पवित्र माला पहनी और फिर सबरीमाला के लिए प्रस्थान किया।
स्रोत: www.thehindu.com