प्रमुख तथ्य
दिगंबर जैन समाज के मुनि वीरसागर महाराज बुधवार को 1,500 किमी की पैदल यात्रा कर हुबली पहुंचे। वे सात अन्य मुनियों के साथ मध्य प्रदेश के निम्मावर से चले थे।
यात्रा का विवरण
मुनि वीरसागर महाराज ने पिछले वर्ष नर्मदा नदी के तट पर स्थित जैन तीर्थ निम्मावर से अपनी पदयात्रा शुरू की थी। विभिन्न राज्यों में प्रवास करने के बाद वे कर्नाटक की सीमा में प्रवेश किए। हुबली के दिगंबर जैन समाज के शासी निकाय के सदस्य शांतिनाथ होथपेटी ने बताया कि मुनि सुबह 8 बजे हुबली पहुंचे।
स्वागत समारोह
दिगंबर जैन समाज ने केशवापुर स्थित सर्वोदय सर्कल पर मंगल कलश और पारंपरिक संगीत के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद मुनि को रंगीन शोभायात्रा के साथ महावीर गली स्थित शांतिनाथ सांस्कृतिक भवन ले जाया गया।
कार्यक्रम और आगे की योजना
मुनि वीरसागर महाराज चार दिन हुबली में रहेंगे, जिस दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके बाद मुनियों का समूह चातुर्मास के लिए बेंगलुरु प्रस्थान करेगा।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- यह यात्रा जैन धर्म की तपस्या और संयम की परंपरा को दर्शाती है।
- हुबली में चार दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम जारी रहेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुनि वीरसागर महाराज कितने किमी पैदल चले?
उन्होंने 1,500 किमी की पैदल यात्रा पूरी की।
वे हुबली में कितने दिन रुकेंगे?
वे चार दिन हुबली में रहेंगे, जहां धार्मिक कार्यक्रम होंगे।
उनका अगला गंतव्य क्या है?
हुबली के बाद वे चातुर्मास के लिए बेंगलुरु जाएंगे।
स्रोत: www.thehindu.com