मुख्य तथ्य
केरल के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारे, एडापल्ली-अरूर NH 66 बाईपास (16 किमी) के खराब रखरखाव ने मोटरिस्टों और पैदल यात्रियों को परेशान कर दिया है। भारी टोल वसूलने के बावजूद, NHAI पर सड़कों की मरम्मत और सुरक्षा उपायों में लापरवाही का आरोप लगा है।
समस्या का विवरण
बाईपास पर सर्विस रोड संकरी हैं और कई जगहों पर डामर उखड़ गया है, जिससे ऊंचाई का अंतर पैदा हो गया है। बस ऑपरेटरों ने बस स्टॉप के अवैज्ञानिक स्थान पर आपत्ति जताई है, खासकर पलारिवट्टम में एर्नाकुलम मेडिकल सेंटर अस्पताल के सामने यू-टर्न पर स्थित बस स्टॉप, जहां बस रुकने पर दोनों तरफ जाम लग जाता है।
स्थानीय निवासियों की मांगें
EDRAAC के वेन्नाला क्षेत्रीय अध्यक्ष टी.एन. सजीव ने कहा कि NHAI को टोल राजस्व का कम से कम आधा हिस्सा सड़कों और संबंधित बुनियादी ढांचे के रखरखाव में निवेश करना चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से हस्तक्षेप की मांग की, क्योंकि यह बाईपास तिरुवनंतपुरम-कासरगोड NH 66 पर एकमात्र ऐसा गलियारा है जिसे चौड़ा नहीं किया गया है।
चक्करपरम्बु में मेडिकल शॉप के मालिक निसार करुकपदथ ने कहा कि NHAI ने चौड़े मीडियन में यू-टर्न पर समर्पित लेन क्यों नहीं बनाए, यह एक रहस्य है। उन्होंने ब्लिंकर सक्रिय करने और झाड़ियों की ऊंचाई कम करने की भी मांग की ताकि ब्लाइंड स्पॉट खत्म हो सकें।
दुर्घटनाएं और सुरक्षा चिंताएं
बाईपास पर पिछले दो दशकों में 12 से अधिक लोगों की मौत हुई है। अपर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग और पैदल यात्रियों के लिए फुट ओवरब्रिज की कमी को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताया गया है।
FAQ
एडापल्ली-अरूर NH 66 बाईपास की लंबाई कितनी है?
यह बाईपास 16 किलोमीटर लंबा है और केरल के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारे का हिस्सा है।
NHAI पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
मोटरिस्टों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि NHAI टोल राजस्व के बावजूद बाईपास और सर्विस रोड का उचित रखरखाव नहीं कर रहा है, जिससे जाम और दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
बाईपास पर कितनी दुर्घटनाएं हुई हैं?
चक्करपरम्बु क्षेत्र में पिछले दो दशकों में 12 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
स्रोत: www.thehindu.com