कुटलैहड़ में औद्योगिक विकास को नई दिशा
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कुटलैहड़ क्षेत्र में 40 औद्योगिक प्लॉट विकसित किए जाएंगे। वन विभाग ऊना से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने के बाद प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र की फाइल वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) की मंजूरी के लिए भेज दी गई है। एफसीए से हरी झंडी मिलते ही बौल उपरली (उपतहसील जोल) में चयनित भूमि पर बुनियादी ढांचा विकसित करने का काम शुरू होगा।
परियोजना की मुख्य बातें
- 40 औद्योगिक प्लॉट विकसित किए जाएंगे, जिनमें करीब 25 उद्योग स्थापित होंगे।
- चयनित भूमि का क्षेत्रफल लगभग 300 कनाल (11.4572 हेक्टेयर) है।
- परियोजना से लगभग 5,000 युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
- परिवहन, होटल, व्यापार और अन्य सेवा क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
बुनियादी ढांचा विकास की योजना
परियोजना के तहत सबसे पहले आंतरिक सड़कें, विद्युत आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था, जल निकासी और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सभी सुविधाएं तैयार होने के बाद उद्यमियों को विकसित औद्योगिक प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। बिजली बोर्ड, जलशक्ति विभाग और वन विभाग ऊना सहित अन्य विभागों की आवश्यक मंजूरियां पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं।
स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
कुटलैहड़ और आसपास के क्षेत्रों में उद्योग स्थापित होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं को पलायन रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही, छोटे व्यवसायों और सेवा क्षेत्रों में भी नई संभावनाएं खुलेंगी।
अधिकारियों का बयान
उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक अंशुल धीमान ने बताया कि कुटलैहड़ औद्योगिक क्षेत्र की फाइल एफसीए की मंजूरी के लिए भेज दी गई है। मंजूरी मिलने के बाद नए औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
कुटलैहड़ में कितने औद्योगिक प्लॉट बनेंगे?
कुटलैहड़ में 40 औद्योगिक प्लॉट विकसित किए जाएंगे।
इस परियोजना से कितने रोजगार के अवसर पैदा होंगे?
लगभग 5,000 युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
यह औद्योगिक क्षेत्र कहाँ स्थित होगा?
यह औद्योगिक क्षेत्र ऊना जिले के कुटलैहड़ क्षेत्र के बौल उपरली (उपतहसील जोल) में विकसित होगा।
परियोजना को कब तक पूरा करने का लक्ष्य है?
एफसीए मंजूरी मिलने के बाद बुनियादी ढांचा विकसित करने का काम शुरू होगा, हालांकि पूर्णता की कोई निश्चित तिथि नहीं दी गई है।