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अनंतपुर में सूखा और जलवायु परिवर्तन पर एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन

मुख्य तथ्य अनंतपुर जिले में सूखा और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए एक दिवसीय सम्मेलन और प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 17 जून, 2026 को विश्व मरुस्थलीकरण और…

मुख्य तथ्य

अनंतपुर जिले में सूखा और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए एक दिवसीय सम्मेलन और प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 17 जून, 2026 को विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाएगा।

सम्मेलन का विवरण

एक्सियन फ्रैटरना-इकोलॉजी सेंटर के निदेशक वाई.वी. मल्ला रेड्डी ने सोमवार (15 जून, 2026) को पत्रकारों को बताया कि यह कार्यक्रम इंटीग्रेटेड आरडीटी हाई स्कूल, वाई-जंक्शन, कडिरी रोड पर सुबह 9:30 से शाम 4 बजे तक चलेगा। इसमें लगभग 500 प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।

कार्यक्रम की मुख्य बातें

  • प्रदर्शनी में प्राकृतिक खेती के मॉडल, जलग्रहण विकास कार्य, कृषि प्रौद्योगिकी, मशीनरी और अन्य स्थायी प्रथाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
  • जिला कलेक्टर ओ. आनंद प्रदर्शनी का दौरा करेंगे और सभा को संबोधित करेंगे।
  • वन संरक्षक आर. यासोदा बाई, प्रादेशिक डीएफओ टी. चक्रपाणि और सामाजिक वानिकी डीएफओ गुरु प्रभाकर भी भाग लेंगे।

प्रभाव और महत्व

डॉ. मल्ला रेड्डी ने कहा कि अनंतपुर जिला लंबे समय से बार-बार सूखे, भूमि क्षरण और जलवायु परिवर्तनशीलता का सामना कर रहा है। सम्मेलन का उद्देश्य किसानों, वैज्ञानिकों, सरकारी अधिकारियों, स्वयंसेवी संगठनों और विकास कार्यकर्ताओं को एक साथ लाना है ताकि स्थायी समाधानों पर चर्चा की जा सके और प्राकृतिक खेती तथा जलवायु-अनुकूल कृषि में सफल अनुभव साझा किए जा सकें।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

यह सम्मेलन सूखा, मरुस्थलीकरण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सामूहिक कार्रवाई का आह्वान करता है। किसानों, शोधकर्ताओं और नागरिक समाज समूहों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सम्मेलन कब और कहाँ होगा?

सम्मेलन 17 जून 2026 को अनंतपुर के वाई-जंक्शन, कडिरी रोड स्थित इंटीग्रेटेड आरडीटी हाई स्कूल में सुबह 9:30 से शाम 4 बजे तक होगा।

सम्मेलन में कौन भाग लेगा?

किसान, वैज्ञानिक, सरकारी अधिकारी, स्वयंसेवी संगठन और विकास कार्यकर्ता भाग लेंगे। लगभग 500 प्रतिभागियों की उम्मीद है।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

सूखा, मरुस्थलीकरण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्राकृतिक खेती और जलवायु-अनुकूल कृषि में सफल अनुभव साझा करना और स्थायी समाधानों पर चर्चा करना।

स्रोत: www.thehindu.com

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