मुख्य तथ्य
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो उत्तर प्रदेश के जेवर क्षेत्र में स्थित है, को 15 जून 2026 को अपनी पहली उड़ान मिली। इंडिगो की एक फ्लाइट लखनऊ से आई और वापस लखनऊ के लिए रवाना हुई। इस हवाई अड्डे का IATA कोड 'DXN' है, जो इसकी पहचान बन गया है।
DXN कोड का अर्थ
हवाई अड्डे के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन के अनुसार, 'D' दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी) के लिए है, 'N' नोएडा (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) के लिए, और 'X' भारत और दुनिया के बीच कनेक्टिविटी का प्रतीक है। यह कोड 2023 में PTI द्वारा रिपोर्ट किया गया था।
एयरपोर्ट कोड कैसे तय होते हैं?
हर हवाई अड्डे के दो कोड होते हैं:
- IATA कोड: तीन अक्षरों का, यात्रियों के लिए (जैसे DXN, DEL, MAS)। यह आमतौर पर हवाई अड्डे के नाम के पहले तीन अक्षर होते हैं, लेकिन कभी-कभी अलग भी हो सकते हैं।
- ICAO कोड: चार अक्षरों का, पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए। पहला अक्षर वैश्विक क्षेत्र, दूसरा देश, और अंतिम दो हवाई अड्डे को दर्शाते हैं।
नोएडा हवाई अड्डे का ICAO कोड VIND है, जहाँ V दक्षिण एशिया, I उत्तरी भारत, और ND नोएडा-दिल्ली के लिए है।
विवाद और दिलचस्प कोड
बोधगया हवाई अड्डे का IATA कोड 'GAY' 2021 में विवादों में रहा, जब एक संसदीय समिति ने इसे 'अपमानजनक' बताया। हालांकि, IATA ने इसे बदलने से इनकार कर दिया। अन्य मजेदार कोड में कोचीन का 'COK' (पुरानी ब्रिटिश स्पेलिंग Cokchin से), मेडागास्कर का 'DIE', और हेलसिंकी का 'HEL' शामिल हैं।
आपको क्या जानना चाहिए
एयरपोर्ट कोड स्थायी होते हैं और सुरक्षा कारणों से नहीं बदले जा सकते। नोएडा हवाई अड्डे का कोड DXN इसकी भौगोलिक स्थिति और कनेक्टिविटी के उद्देश्य को दर्शाता है।
FAQ
नोएडा हवाई अड्डे का IATA कोड DXN क्यों है?
DXN में D दिल्ली, N नोएडा और X भारत और दुनिया से कनेक्टिविटी का प्रतीक है।
IATA और ICAO कोड में क्या अंतर है?
IATA तीन अक्षर का कोड यात्रियों के लिए होता है (जैसे DXN), जबकि ICAO चार अक्षर का कोड पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए (जैसे VIND) होता है।
क्या एयरपोर्ट कोड बदले जा सकते हैं?
IATA के नियमों के अनुसार, कोड स्थायी होते हैं और सुरक्षा कारणों से नहीं बदले जा सकते।
स्रोत: www.thehindu.com