Desh Duniya | diesel

पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल की खरीद पर सीमा, 195 लीटर डीजल का नया कैप

मुख्य तथ्य पेट्रोलियम डीलरों ने डीजल और पेट्रोल की खरीद पर सीमा लगा दी है। गैर-नियमित ग्राहकों के लिए डीजल की अधिकतम सीमा 195 लीटर प्रति वाहन निर्धारित की गई है, जबकि पेट्रोल के लिए…

मुख्य तथ्य

पेट्रोलियम डीलरों ने डीजल और पेट्रोल की खरीद पर सीमा लगा दी है। गैर-नियमित ग्राहकों के लिए डीजल की अधिकतम सीमा 195 लीटर प्रति वाहन निर्धारित की गई है, जबकि पेट्रोल के लिए कारों पर 50 लीटर की सीमा लागू की गई है। यह कदम केंद्र सरकार के लिखित आदेश और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) की सख्त चेतावनी के बाद उठाया गया है।

विवरण

चेन्नई के निकट एक डीलर ने बताया कि पिछले दो दिनों से पेट्रोल पंपों पर नियमित बल्क ग्राहकों को भी ईंधन देने से मना किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "ये कंपनियां या फैक्ट्रियां नहीं हैं, बल्कि शैक्षणिक संस्थान, अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स और अस्पताल हैं जो हम पर निर्भर हैं। वे महीने में एक या दो बार बड़े बैरल लेकर आते हैं। उनके पास भूमिगत टैंक या पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) लाइसेंस नहीं हैं। इस मौसम में, जब बार-बार बिजली कटौती होती है, डीजल बहुत जरूरी है।"

एक अन्य डीलर ने कहा, "पहले भी प्रति ग्राहक 200 लीटर की सीमा थी, लेकिन वह केवल मौखिक निर्देश था। इस बार केंद्र सरकार का आदेश लिखित में आया है और OMCs ने सख्त चेतावनी जारी की है। मैं अनावश्यक रूप से सजा क्यों भुगतूं? मैं बेहतर समझूंगा कि भारी वाहनों के टैंक न भरूं।"

डीजल का उपयोग जनरेटर के अलावा बसों और लॉरियों में भी होता है, जिनमें बड़ी टैंक क्षमता होती है। उसी डीलर ने कहा, "ग्राहक अब एक पंप पर आधा टैंक भरवाने और बाकी के लिए दूसरे पंप पर जाने को मजबूर हैं। मैं दो बिल बनाकर भी इन वाहनों को भरने से डरता हूं, क्योंकि सरकार और OMCs फिलहाल ईंधन के दुरुपयोग को रोकने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हम अपने नियमित ग्राहकों को सलाह दे रहे हैं कि वे या तो बार-बार पंप आएं या पास के अन्य पंपों पर जाएं।"

एक डीलर ने कहा, "अन्य पंपों की तरह, मैंने भी पेट्रोल पर सीमा लगा दी है। कारों के लिए यह 50 लीटर है।"

प्रभाव

इस प्रतिबंध का सबसे अधिक प्रभाव शैक्षणिक संस्थानों, अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स और अस्पतालों पर पड़ेगा जो जनरेटर के लिए डीजल पर निर्भर हैं। बार-बार बिजली कटौती के कारण डीजल की मांग बढ़ गई है, लेकिन अब उन्हें अपनी जरूरत का ईंधन पाने में कठिनाई हो रही है। बसों और लॉरियों के संचालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें एक ही पंप से पूरा टैंक नहीं भरवा पा रहे हैं।

पाठकों के लिए सुझाव

  • यदि आप नियमित ग्राहक हैं, तो डीलर से संपर्क करें और अपनी आवश्यकता के बारे में पहले से सूचित करें।
  • यदि आपको बड़ी मात्रा में ईंधन चाहिए, तो कई पंपों पर जाने की योजना बनाएं।
  • PESO लाइसेंस प्राप्त करने पर विचार करें ताकि आप सीधे थोक में ईंधन खरीद सकें।

FAQ

डीजल की खरीद पर नई सीमा क्या है?

नई सीमा के अनुसार, गैर-नियमित ग्राहकों के लिए डीजल की अधिकतम खरीद 195 लीटर प्रति वाहन है।

पेट्रोल पर क्या सीमा लगाई गई है?

कई पेट्रोल पंपों ने कारों के लिए पेट्रोल की सीमा 50 लीटर निर्धारित की है।

यह प्रतिबंध क्यों लगाया गया है?

केंद्र सरकार के लिखित आदेश और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) की सख्त चेतावनी के बाद ईंधन के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

क्या यह प्रतिबंध हिमाचल प्रदेश में भी लागू है?

यह प्रतिबंध राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया है, इसलिए हिमाचल प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर भी यह नियम लागू हो सकता है। हालांकि, स्थानीय डीलरों से पुष्टि करना उचित होगा।

Source: www.thehindu.com

Follow us on Google News

Explore more

Rajkot International Airport: औद्योगिक विकास और संपत्ति की कीमतों में उछाल

प्रमुख तथ्य राजकोट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा गुजरात के हीरार में संचालित होने के बाद राजकोट और संपूर्ण सौराष्ट्र की आर्थिक और भौगोलिक…

More on Desh Duniya from Himachal Pradesh

Missouri में विमान दुर्घटना में 12 लोगों की मौत, सभी सवार थे स्काइडाइवर और पायलट

दुर्घटना का विवरण अमेरिका के Missouri राज्य में रविवार (14 जून 2026) को एक विमान दुर्घटना में सवार सभी 12 लोगों की…

Trinamool के बागी सांसदों का नई पार्टी में विलय, ममता बनर्जी के नेतृत्व पर उठे सवाल

Trinamool Congress के बागी सांसदों का नई पार्टी में विलय कोलकाता: ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के 20…

Ncpi: वो छोटी पार्टी जिसमें विलय हुए 20 बागी tmc सांसद, जानिए क्या है पूरा मामला

परिचय एक छोटी-सी राजनीतिक पार्टी, जिसका 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में कोई खास प्रभाव नहीं था, अचानक राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र…