मुख्य बिंदु
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की उन तीन कुलपतियों की आलोचना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है जिन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत के साथ एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंच साझा किया। BJP प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि मुख्यमंत्री को धर्मनिरपेक्षता या संवैधानिक मूल्यों पर दूसरों को सिखाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
विवरण
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने 'कट्टरपंथी इस्लाम और जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों को सामान्य बना दिया है' और वे 'मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी के समर्थन से ही सत्ता में हैं'। उन्होंने कहा, 'जो व्यक्ति धर्मनिरपेक्षता या संविधान के सम्मान की बात करता है, उसे ऐसा नहीं करना चाहिए।'
BJP नेता ने इसे अस्वीकार्य बताया कि एक मुख्यमंत्री, जिसने संविधान की रक्षा की शपथ ली है, कुलपतियों को RSS प्रमुख के साथ एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए डांटे। उन्होंने कहा, 'यह अस्वीकार्य है कि एक मुख्यमंत्री अब कुलपतियों को धमका रहा है।'
प्रभाव और प्रतिक्रिया
चंद्रशेखर ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली UDF सरकार 'तुष्टिकरण की राजनीति' कर रही है और वह उन संगठनों पर निर्भर है जो धार्मिक राजनीति की वकालत करते हैं। उन्होंने कांग्रेस और CPI(M) दोनों पर BJP और RSS को वोट बैंक की राजनीति के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री सतीशन ने फेसबुक पोस्ट में तीन कुलपतियों के RSS शताब्दी समारोह में भाग लेने को 'गंभीर चूक' बताया और उनसे माफी मांगने को कहा। केरल विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी विश्वविद्यालय और मलयालम विश्वविद्यालय के कुलपतियों ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम में आयोजित RSS कार्यक्रम में भाग लिया था।
अन्य विवाद
चंद्रशेखर ने देवस्वम विभाग के लिए अधिवक्ता केबी प्रदीप की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। प्रदीप ने सबरीमाला सोना चोरी मामले में एक आरोपी की ओर से पैरवी करने के बाद विवाद होने पर इस्तीफा दे दिया था। BJP नेता ने पूछा कि इस नियुक्ति को किसने मंजूरी दी और क्या यह जांच को पटरी से उतारने का जानबूझकर किया गया प्रयास था।
उन्होंने कहा कि सतीशन ने विपक्ष के नेता के रूप में सबरीमाला मामले में CBI जांच की मांग की थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद वह मांग गायब हो गई। इसके बजाय, सरकार ने उसी वकील को नियुक्त किया जो आरोपी की ओर से पेश हुआ था।
FAQ
केरल के मुख्यमंत्री ने कुलपतियों पर क्या आरोप लगाया?
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने तीन कुलपतियों पर RSS कार्यक्रम में भाग लेने को गंभीर चूक बताया और माफी की मांग की।
BJP ने मुख्यमंत्री की आलोचना क्यों की?
BJP प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि मुख्यमंत्री को धर्मनिरपेक्षता की नैतिकता नहीं है क्योंकि वे मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों पर निर्भर हैं।
विवादित कुलपति कौन से विश्वविद्यालयों से हैं?
केरल विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी विश्वविद्यालय और मलयालम विश्वविद्यालय के कुलपति।
Source: www.hindustantimes.com