प्रमुख तथ्य
केरल के मलप्पुरम जिले में स्वास्थ्य अधिकारियों ने निपाह वायरस और शिगेला संक्रमण के मामलों के बाद निगरानी और रोकथाम के उपाय तेज कर दिए हैं। कोझिकोड के एक व्यक्ति में निपाह वायरस की पुष्टि के बाद उसके संपर्क सूची में चार लोग मलप्पुरम में पाए गए। वहीं, शिगेला संक्रमण से एक महिला की मौत हो गई और एक जूस की दुकान के पानी में बैक्टीरिया मिलने पर उसे बंद कर दिया गया।
निपाह वायरस: निगरानी और जांच
अधिकारियों ने बताया कि मलप्पुरम में मिले चारों संपर्क कम जोखिम श्रेणी में हैं। जनता से सोशल मीडिया पर अफवाह न फैलाने की अपील की गई है। एक संदिग्ध मामले का रक्त नमूना जांच के लिए भेजा गया है। निपाह मामले से जुड़े क्षेत्र से सटे वझायूर पंचायत में निगरानी बढ़ा दी गई है। 14 टीमों ने शनिवार (13 जून, 2026) को दो वार्डों में बुखार सर्वेक्षण किया, जिसमें कोई निपाह लक्षण नहीं पाए गए। जरूरत पड़ने पर अन्य वार्डों में भी निगरानी बढ़ाई जाएगी।
कोझिकोड के सरकारी मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने पुष्टि की कि निपाह रोगी के तीन उच्च जोखिम वाले संपर्कों के नमूने नकारात्मक आए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि बीमारी पहचाने गए क्षेत्रों से आगे नहीं फैली है और निगरानी में सभी लोग स्थिर हैं।
शिगेला संक्रमण: मौत और दूषित पानी
शिगेला संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है। पेरिन्थलमन्ना के पास कीझत्तूर की एक महिला की रविवार (14 जून, 2026) को शिगेला से मौत हो गई। वहीं, तिरूरंगाडी में एक टेंडर कोकोनट पार्लर के पीने के पानी में शिगेला बैक्टीरिया पाया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने 30 मई को निरीक्षण के दौरान लिए गए पानी के नमूनों में बैक्टीरिया की पुष्टि के बाद जूस की दुकान को बंद करने का आदेश दिया। अधिकारियों ने कहा कि प्रतिष्ठान का संचालन निलंबित कर दिया गया है और जिले भर में निरीक्षण जारी रहेगा। जनता को अपने पीने के पानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। हाल के दिनों में कोल्लम, त्रिशूर और मलप्पुरम जिलों में भी शिगेला के मामले सामने आए हैं।
क्या है निपाह वायरस?
निपाह वायरस एक जूनोटिक बीमारी है जो जानवरों से मनुष्यों में फैलती है। इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं। गंभीर मामलों में एन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क में सूजन) हो सकता है।
क्या है शिगेला संक्रमण?
शिगेला एक जीवाणु है जो दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलता है। इसके लक्षणों में दस्त, बुखार और पेट में ऐंठन शामिल हैं। स्वच्छता और साफ पानी के उपयोग से इससे बचा जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
निपाह वायरस के कितने संपर्क मलप्पुरम में मिले?
चार लोगों को निपाह संक्रमित के संपर्क में पाया गया, सभी कम जोखिम श्रेणी में हैं।
शिगेला संक्रमण से कहां महिला की मौत हुई?
मलप्पुरम जिले के कीझत्तूर में एक महिला की शिगेला से मौत हुई।
शिगेला बैक्टीरिया कहां मिला?
तिरूरंगाडी में एक टेंडर कोकोनट पार्लर के पीने के पानी में शिगेला बैक्टीरिया पाया गया।
स्रोत: www.thehindu.com