मुख्य तथ्य
हैदराबाद में रविवार को सालार जंग संग्रहालय की 75वीं वर्षगांठ मनाई गई। यह आयोजन शहर की समृद्ध विरासत और सामूहिक स्मृति को उजागर करता है। इस दिन मीर यूसुफ अली खान (सालार जंग III) की 137वीं जयंती भी थी।
समारोह में मुख्य वक्तव्य
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि हैदराबाद की पहचान केवल चारमीनार तक सीमित नहीं है, बल्कि सालार जंग संग्रहालय शहर की सांस्कृतिक चेतना में समान रूप से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने इसे तेलंगाना की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रमाण बताया।
राज्यपाल ने गोलकुंडा के प्रसिद्ध हीरों (कोहिनूर, होप, रीजेंट) का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र की वैश्विक प्रतिष्ठा रही है। सालार जंग III ने फारस, मिस्र, चीन, जापान और यूरोप से अमूल्य कलाकृतियां एकत्र कीं, जो हैदराबाद की दुनिया के प्रति खुलेपन को दर्शाती हैं।
मूसी नदी पुनरुद्धार और भविष्य की योजना
तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने सालार जंग संग्रहालय को हैदराबाद की आत्मा और मूसी नदी को हैदराबाद की यादों की धारा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार मूसी नदी को लंदन की टेम्स और पेरिस की सीन की तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर का रिवरफ्रंट बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कल्पना की कि सालार जंग संग्रहालय इस पुनर्जीवित रिवरफ्रंट का सांस्कृतिक ताज होगा, जहां पर्यटक नदी के किनारे यात्रा करेंगे, विरासत की गलियों का अन्वेषण करेंगे और ऐतिहासिक वस्तुओं से जुड़ेंगे।
ऐतिहासिक संदर्भ
परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर और चारमीनार विधायक मीर जुल्फिकार अली ने सालार जंग परिवार और हैदराबाद प्रशासन के बीच ऐतिहासिक संबंधों को याद किया। उन्होंने बताया कि इस प्रतिष्ठित परिवार से हैदराबाद के पांच प्रधानमंत्री निकले।
प्लेटिनम जुबली समारोह
संग्रहालय 21 जून तक प्लेटिनम जुबली समारोह के तहत कई कार्यक्रम आयोजित करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- सालार जंग संग्रहालय की स्थापना कब हुई थी? सालार जंग संग्रहालय की स्थापना 1951 में हुई थी, लेकिन इसकी 75वीं वर्षगांठ 2026 में मनाई गई, जो इसके जनता के लिए खुलने के 75 साल पूरे होने का प्रतीक है।
- सालार जंग III कौन थे? मीर यूसुफ अली खान, जिन्हें सालार जंग III के नाम से जाना जाता है, हैदराबाद के एक प्रमुख संग्रहकर्ता और राजनेता थे, जिन्होंने दुनिया भर से कला के अनमोल नमूने एकत्र किए।
- मूसी नदी पुनरुद्धार परियोजना क्या है? तेलंगाना सरकार मूसी नदी को लंदन की टेम्स और पेरिस की सीन की तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर का रिवरफ्रंट बनाने की योजना बना रही है, जिससे सालार जंग संग्रहालय इसका सांस्कृतिक केंद्र बनेगा।
Source: www.thehindu.com