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Brs नेता हरीश राव का आरोप: चुनाव सूची से वोटरों के नाम हटाने की साजिश

मुख्य तथ्य भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने रविवार को वारंगल में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए चुनाव सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया…

मुख्य तथ्य

भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने रविवार को वारंगल में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए चुनाव सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार इस अभियान का इस्तेमाल विपक्षी दलों के समर्थकों के नाम हटाने के लिए कर रही है।

विवरण

हरीश राव ने कहा कि देशभर से ऐसी खबरें आ रही हैं कि कुछ राजनीतिक दलों को बड़े पैमाने पर वोटों की कटौती के कारण चुनावी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे बूथ स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया में अपनी भूमिका समझें और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय रूप से भाग लें।

SIR प्रक्रिया की चुनौतियां

हरीश राव ने बताया कि SIR प्रक्रिया हर 20 साल में एक बार की जाती है और अब 2026 में इसे फिर से शुरू किया गया है। उन्होंने बूथ स्तर के एजेंटों (BLA) से सतर्क रहने और प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों जैसे हनमकोंडा और वारंगल में यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होगा।

सिद्दीपेट का उदाहरण

सिद्दीपेट का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि गांवों में परिवार मैपिंग लगभग 99% पूरी हो चुकी है, जबकि सिद्दीपेट शहर में यह केवल 62% तक पहुंची है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से परिवार मैपिंग की अवधारणा और इसके महत्व को स्पष्ट रूप से समझने पर जोर दिया।

प्रभाव

हरीश राव ने कहा कि हैदराबाद, वारंगल और खम्मम में नगर निकाय चुनाव अभी लंबित हैं। BRS कैडर की SIR प्रक्रिया में भागीदारी का सीधा असर पार्टी के भविष्य के चुनावी प्रदर्शन पर पड़ेगा, जिसमें ग्रेटर वारंगल नगर निगम चुनाव भी शामिल है।

पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए निर्देश

  • पूर्व पार्षदों और पार्षद पद के इच्छुक उम्मीदवारों से प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया गया।
  • SIR अभियान के पहले चरण में परिवार समूहीकरण शामिल है, जिसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और संसाधन व्यक्तियों को नियुक्त किया गया है।
  • राजनीतिक दलों को औपचारिक रूप से प्रक्रिया में शामिल किया गया है, और बूथ स्तर के एजेंटों को बूथ लेवल ऑफिसरों के साथ मिलकर काम करना चाहिए।
  • यदि बूथ लेवल ऑफिसर सहयोग नहीं करते हैं, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया गया।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण

हरीश राव ने प्रक्रिया को समझाते हुए कहा कि परिवार समूहीकरण SIR अभ्यास की नींव है। 2002 में मतदान अधिकार रखने वाले व्यक्तियों को संदर्भ बिंदु के रूप में लिया जाएगा और उनके परिवार के सदस्यों का विवरण तदनुसार जोड़ा जाएगा।

FAQ

SIR प्रक्रिया क्या है?

SIR यानी Special Intensive Revision, जो हर 20 साल में एक बार होती है। इसमें परिवार समूहीकरण के आधार पर मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है।

हरीश राव ने क्या आरोप लगाए?

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार SIR प्रक्रिया के जरिए विपक्षी दलों के समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटा रही है।

पार्टी कार्यकर्ताओं को क्या निर्देश दिए?

उन्होंने बूथ स्तर के एजेंटों को सतर्क रहने और बूथ लेवल ऑफिसरों के साथ समन्वय बनाने को कहा। साथ ही, अनियमितता पर शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया।

Source: www.thehindu.com

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