पहली हवाई यात्रा का अनमोल अनुभव
कर्नाटक के कलबुर्गी स्थित श्री हिंगुलांबिका कन्नड़ और मराठी मीडियम हाई स्कूल के 11 मेधावी छात्रों के लिए शैक्षणिक उपलब्धि का पुरस्कार एक यादगार जीवन अनुभव में बदल गया। अपने शिक्षकों की अनूठी पहल के तहत, इन छात्रों ने पहली बार हवाई यात्रा की, जो बेंगलुरु की शैक्षिक यात्रा का हिस्सा थी।
शिक्षकों का सराहनीय योगदान
स्कूल के नौ शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने स्वेच्छा से अपने वेतन से लगभग 1.20 लाख रुपये का योगदान दिया, जिससे यह यात्रा संभव हो सकी। इस पहल का उद्देश्य शैक्षणिक उपलब्धि को मान्यता देना और छात्रों के क्षितिज को व्यापक बनाना था, ताकि वे शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संस्थानों के संपर्क में आ सकें।
यात्रा का विवरण
11 जून को आयोजित इस यात्रा में कक्षा 8, 9 और 10 के उन छात्रों को शामिल किया गया, जिन्होंने अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर चयनित किया गया। अंग्रेजी शिक्षिका संतोषिमा बसवप्रभु ने हवाई टिकट सहित यात्रा की व्यवस्था का समन्वय किया, जबकि अन्य कर्मचारियों ने संसाधन जुटाए।
बेंगलुरु में भ्रमण स्थल
- विधान सौधा: छात्रों ने विशेष पास के साथ विधान सभा और विधान परिषद के कक्षों का दौरा किया, जहां उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थानों के कामकाज की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की।
- जवाहरलाल नेहरू तारामंडल: वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा देने के लिए तारामंडल का भ्रमण किया गया।
- इस्कॉन मंदिर: सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव के लिए मंदिर का दौरा किया गया।
- नम्मा मेट्रो: छात्रों ने मेट्रो से यात्रा कर यशवंतपुर रेलवे स्टेशन तक का सफर तय किया, जहां से वे ट्रेन द्वारा कलबुर्गी लौटे।
चयनित छात्र और साथी शिक्षक
इस शैक्षिक भ्रमण में कक्षा 8 से तीन, कक्षा 9 से तीन और कक्षा 10 से पांच छात्र शामिल थे। भाग लेने वाले छात्रों में शेख आराफत अहमद, स्वयं, लक्ष्मी, चंद्रिका, भाग्यश्री (एसएसएलसी में सर्वोच्च अंक), शरणु, नंदिनी, श्रद्धा (कक्षा 9), भवानी, भाग्यलक्ष्मी और तृषा (कक्षा 8) शामिल थे। छात्रों के साथ स्कूल के प्रधानाचार्य राजू वी. हंचते और शिक्षक हीरामणि चव्हाण, अनसूया कालेकर, मेघा भास्कराव, श्रीदेवी कुसनूर, संतोषिमा बसवप्रभु, शीतल हिरावे, सरोजा जाधव और लक्ष्मीकांत हिबारे भी गए।
प्रधानाचार्य का बयान
प्रधानाचार्य राजू वी. हंचते ने कहा कि यह पहल केवल शैक्षणिक सफलता के पुरस्कार के रूप में नहीं, बल्कि आकांक्षा में निवेश के रूप में देखी गई, जो छात्रों को बड़े सपने देखने और उच्च शैक्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
यह शैक्षिक भ्रमण कब आयोजित किया गया था?
यह भ्रमण 11 जून को आयोजित किया गया था।
इस यात्रा में कितने छात्र शामिल हुए?
कक्षा 8, 9 और 10 के कुल 11 मेधावी छात्र इस यात्रा में शामिल हुए।
शिक्षकों ने इस यात्रा पर कितना खर्च किया?
शिक्षकों ने अपने वेतन से लगभग 1.20 लाख रुपये का योगदान दिया।
छात्रों ने बेंगलुरु में किन स्थानों का दौरा किया?
छात्रों ने विधान सौधा, विधान सभा और विधान परिषद, जवाहरलाल नेहरू तारामंडल, इस्कॉन मंदिर और नम्मा मेट्रो का दौरा किया।
स्रोत: www.thehindu.com