मुख्य तथ्य
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर भारत और उसके लोगों की उपलब्धियों को कमतर आंकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जानबूझकर देश की प्रगति को नजरअंदाज करते हैं, चाहे वह कोविड महामारी हो या पश्चिम एशिया में संघर्ष।
विस्तार से जानकारी
बेंगलुरु में भाजपा कर्नाटक के 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा, 'हर बार जब विपक्ष के नेता लोकसभा में बोलते हैं, तो वह केवल हर चीज की निंदा करते हैं, भारत के लोगों की उपलब्धियों को कमतर आंकते हैं, यह सोचते हुए कि वे प्रधानमंत्री मोदी या केंद्र सरकार को कमजोर कर रहे हैं।'
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार यह कहते हैं कि अगले कुछ हफ्तों में सब कुछ बिखर जाएगा और एक बड़ी आपदा आने वाली है। सीतारमण ने स्पष्ट किया कि देश में कोई संकट नहीं है, जैसा कि राहुल गांधी चित्रित कर रहे हैं।
आर्थिक प्रदर्शन पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा, 'इसके विपरीत, तिमाही दर तिमाही, साल दर साल, भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है।' उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकार नहीं कह रही, बल्कि जीडीपी के आंकड़े और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) भी यही बता रहे हैं।
पश्चिम एशिया संकट का जिक्र
पश्चिम एशिया के संकट का उल्लेख करते हुए सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सुनिश्चित किया कि ईंधन की आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने पश्चिम एशिया से ईंधन शिपिंग की चुनौतियों को समझाया।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- वित्त मंत्री ने राहुल गांधी की आलोचना को भाजपा के 12 साल के शासन के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में किया।
- सीतारमण ने भारत की आर्थिक वृद्धि का बचाव करते हुए कहा कि देश में कोई संकट नहीं है।
- उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के आंकड़ों का हवाला देते हुए भारत को सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लोकसभा में हर बार भारत की उपलब्धियों को कमतर आंकते हैं और प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाने के लिए देश की प्रगति को नकारते हैं।
सीतारमण ने भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि भारत लगातार तिमाही दर तिमाही और साल दर साल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, और यह आंकड़े खुद बोलते हैं।
यह घटना कहां और कब हुई?
यह घटना 14 जून 2026 को बेंगलुरु में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन के दौरान हुई।
स्रोत: www.thehindu.com