मुख्य तथ्य
आंध्र प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री डोला श्री बाला वीरांजनेय स्वामी ने शनिवार (13 जून, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी पर 3,500 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में अंतिम लाभार्थी होने का आरोप लगाया। यह आरोप तब लगा है जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले की जांच कर रहा है।
आरोपों का विवरण
मंत्री ने कहा कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) सत्ता में आई थी पूर्ण शराबबंदी का वादा करके, लेकिन बाद में शराब व्यापार को अपनी आय का प्रमुख स्रोत बना लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जगन मोहन रेड्डी ने अपने फायदे के लिए मिलावटी शराब ब्रांडों की बिक्री की अनुमति दी, जिससे हजारों लोगों के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ा।
धन का हेरफेर
मंत्री के अनुसार, शराब घोटाले से अर्जित भारी राजस्व को दुबई और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में स्थित शेल कंपनियों में डायवर्ट किया गया। बाद में इन फंडों को रियल एस्टेट और फिल्म परियोजनाओं में निवेश किया गया। उन्होंने पूर्व मंत्री करुमुरी नागेश्वर राव पर शराब परिवहन अनुबंधों में अनियमितताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का भी आरोप लगाया।
सरकार की पहल
गठबंधन सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए, मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा और गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए एक प्रगतिशील शराब नीति लागू की गई है। राज्य में किसी भी शराब ब्रांड की बिक्री की अनुमति देने से पहले अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर 13 अलग-अलग रासायनिक और गुणवत्ता परीक्षण किए जाते हैं।
AP Excise Suraksha ऐप
सरकार ने 'AP Excise Suraksha' मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च किया है, जो उपभोक्ताओं को अपने स्मार्टफोन के माध्यम से सीधे शराब उत्पादों की प्रामाणिकता और गुणवत्ता सत्यापित करने में सक्षम बनाता है। यह पारदर्शिता और उपभोक्ता संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
प्रभाव और आगे की राह
ईडी जांच अब ताड़ेपल्ली पैलेस (जगन के आवास) तक पहुंच रही है, जिससे जगन मोहन रेड्डी पर दबाव बढ़ गया है। मंत्री ने आरोप लगाया कि जगन मामले से बचने के लिए डायवर्सनरी राजनीति का सहारा ले रहे हैं। इस घटनाक्रम से आंध्र प्रदेश की राजनीति में नया विवाद पैदा हो गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- शराब घोटाले में जगन मोहन रेड्डी पर क्या आरोप हैं? मंत्री डोला श्री बाला वीरांजनेय स्वामी ने आरोप लगाया है कि जगन मोहन रेड्डी इस घोटाले के अंतिम लाभार्थी हैं और उन्होंने मिलावटी शराब की बिक्री की अनुमति दी।
- शराब घोटाले की राशि कहां भेजी गई? आरोप है कि 3500 करोड़ रुपये की राशि दुबई और अफ्रीका में शेल कंपनियों के माध्यम से रियल एस्टेट और फिल्म परियोजनाओं में निवेश की गई।
- आंध्र प्रदेश सरकार ने शराब नीति में क्या बदलाव किए हैं? सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार 13 रासायनिक और गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य किए हैं और 'AP Excise Suraksha' ऐप लॉन्च किया है।
स्रोत: www.thehindu.com